दो साल बाद गरीबों की बेटियों के लिए शादी अनुदान योजना तो शुरू हुई मगर अनुसूचित जाति के लोगों के लिए ही जिले तक मदद पहुंच सकी। सामान्य और ओबीसी के लिए फिलहाल कोई फंड नहीं मिला है। अलबत्ता प्रशासन ने उनके आवेदन जरूर ले लिए हैं। ये वे हैं जिनकी बेटियों की शादी तय हो गई है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि लगन के पहले उन्हें अनुदान के 20 हजार रुपये मिल जाएंगे।
इसी आस में रोजाना समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे इन गरीबों का कहना है कि संपन्न लोगों के लिए भले अनुदान की रकम ज्यादा न लग रही हो मगर उनके लिए यह रकम मायने रखती है। उधर, प्रशासन क ी दलील है कि आवेदनों की जांच और कमेटी का एप्रूवल लेकर हम अपनी तैयारी पूरी रखेंगे ताकि फंड मिलते ही सामान्य और ओबीसी के गरीबों के भी खाते में तत्काल शादी के अनुदान की रकम ट्रांसफर कर दी जाए।
नई व्यवस्था के तहत शादी अनुदान योजना के लिए अब ऑनलाइन फार्म भरने होंगे। आवेदकों को पहले विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। साथ ही सात दिन के भीतर उसकी एक हार्ड कापी विभाग को उपलब्ध करानी होगी। शहर के आवेदनों की जांच के लिए विभाग एसडीएम को तथा देहात क्षेत्र के आवेदनों को डीडीओ के पास भेजेगा।
वहां से रिपोर्ट आने के बाद शासन की तरफ से गठित कमेटी की बैठक में आवेदनों को रखा जाएगा। कमेटी जिन आवेदनों को अपनी स्वीकृति देगी, उनके खाते में कोषागार से अनुदान की रकम भेज दी जाएगी। शहर क्षेत्र में 56460 रुपये वार्षिक आय वाले तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 46080 रुपये वार्षिक आय वाले गरीब आवेदन कर सकते हैं।
डीएम ने बताया कि सभी एसडीएम के अलावा डीडीओ को निर्देश दिया गया है कि समाज कल्याण विभाग की तरफ से इस योजना के जो भी आवेदन जांच के लिए भेजे जाएं, उनकी तत्काल जांच कराके रिपोर्ट विभाग को भेज दी जाए। उन्होंने बताया कि जल्द ही कमेटी की बैठक आयोजित कर संबंधित आवेदनों को स्वीकृति दे दी जाएगी। अब तक करीब 218 आवेदन आए हैं। इनमें से एससी वाले आवेदकों की रकम तत्काल उनके खाते में भेज दी जाएगी, जबकि बाकी वर्ग के लोगों को फंड मिलते ही मुहैया करा दिया जाएगा।