शनिवार को गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री का जनता दरबार 13 दिन बाद एक बार फिर लगा। इसमें फरियादियों का हुजूम उमड़ पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यालय में चार घंटे खड़े होकर वहां पहुंचे हर पीड़ित की फरियाद सुनी। सभी को भरोसा दिलाया कि उनके साथ इंसाफ होगा।
मुख्यमंत्री के आने की सूचना लोगों को समाचार पत्रों के माध्यम से हो गई थी। मंदिर में प्रशासन की तरफ से जनता दर्शन की तैयारी की गई थी। इस नाते सुबह ही लोगों की भीड़ वहां पर एकत्रित हो गई थी। सुबह वह 6:30 बजे योगी आदित्यनाथ अपने कार्यालय में आकर बैठ गए। उस दौरान करीब सौ से अधिक लोग वहां पहुंच कर अपना प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने सबकी बात सुनी और कहा कि उनके साथ न्याय होगा। वह करीब एक घंटे तक लोगों से मिलते रहे। उसके बाद वह ऊपर अपने कक्ष में चले गए। वहां से वह करीब 9:30 बजे एक बार फिर कार्यालय में आए। तब तक हजारों की भीड़ एकत्रित हो चुकी थी। लोग सीएम से मिलने को आतुर थे। उनके समर्थन में नारेबाजी होने लगी। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों से कहा कि सबसे पहले महिलाओं को आने दो। पुलिस के लोगों ने महिलाओं से कतार में खड़ा होकर जाने के लिए कहा। यह सिलसिला शुरू हुआ तो एक बजे तक चलता रहा।
फरियादियों में अधिकतर मामले पुलिस और राजस्व विभाग के थे। उसमें अधिकतर महिला और पुरुष पुलिस की मदद न मिलने के कारण वहां पर पहुंचे थे। किसी का जमीन तो किसी का घर कब्जा कर लिया गया। पुलिस उनकी मदद नहीं कर रही है। किसी के साथ छेड़खानी हुई तो पुलिस के पास गई पर उसे न्याय नहीं मिला। पुलिस में शिकायत के कारण उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उसमें तमाम ऐसे लोग आए जिनको सरकार से आर्थिक मदद की दरकार थी।
शहर की रहने वाली एक महिला शौचालय निर्माण कराने की फरियाद करने आई थी। वहीं, गीता गार्डेन के सामने रहने वाली बीनू देवी के मकान पर किराएदारों ने कब्जा कर लिया है। बोलने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। चिउटहा के प्रधान मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन का विरोध करने आए थे। कहा कि इसके बनने से उनका गांव उजड़ जाएगा। वहां बाईपास बनवाने की मांग की। हरियाणा के नाथ संप्रदाय के साधु यहां पर अपनी समस्या लेकर आए थेे तो महाराष्ट्र के औरंगाबाद की आधा दर्जन महिलाएं जनता दर्शन वाली कतार में बाबा का आशीर्वाद लेने के र्लिए आइं थीं। वह तब तक खड़े रहे जब तक सबकी सुन नहीं लिए।
लापता बेटे की तलाश को पहुंची मंदिर
गोरखनाथ मंदिर में बस्ती से सोनमती पहुंची थीं। सोनमती के हाथ में एक तख्ती थी, जिसपर उनके लापता बेटे की फोटो लगी हुई थी। रुंधे गले से सोनमती ने बताया कि उनका बेटा महेश कुमार गुप्ता वाराणसी रेलवे में आरक्षी के पद पर तैनात था। 17 मार्च 2016 से लापता है। सोनमती ने मुख्यमंत्री के पास अपने बेटे की खोज की गुहार लगाने के साथ ही मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
अपहरणकर्ताओं से पति को छुड़वा दें
मऊ जिले से किरन पांडेय मुख्यमंत्री से गुहार लगाने पहुंचीं थीं। उन्होंने बताया कि उनके पति जीतेंद्र पांडेय सात तारीख को बाजार में सब्जी लेने गए थे। इसके बाद वह नहीं लौटे। शाम को उन्होंने अपने एक दोस्त को फोन पर बताया कि उनका अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद से उनके पति का कोई पता नहीं चल सका है। किरन पांडेय ने मुख्यमंत्री से अपने पति की सकुशल वापसी की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि जल्द पुलिस पति को खोज निकालेगी।
योगी-मोदी की हाथों से बनाई फोटो संग पहुंचा अरुण
जनता दरबार में गोरखनाथ थानाक्षेत्र निवासी अरुण अपनी मां किरन पांडेय संग पहुंचे थे। अरुण और उनकी मां के हाथों में अरुण के हाथों से बनाई गई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो थी। अरुण ने बताया कि उनके पिता को हार्टअटैक की शिकायत है। उनके इलाज में ही काफी पैसा खर्च हो जाता है। उसने मुख्यमंत्री से मिलकर बताया कि वह जीपी सनराइज स्कूल में पढ़ता है और फीस दे पाने में असमर्थ है। अरुण ने बताया कि योगी जी ने फोटो देखकर खुशी जताई और डीएम से मामले का संज्ञान लेने को कहा।
बाबा बोलले हवें नतिया के दीहें सरकारी नौकरी
डोहरिया के बरियारपुर निवासी टप्पे यादव मंदिर में बड़े उत्साह से घूमते नजर आए। उन्होंने बताया कि योगी बाबा से मिलकर आए हैं, उ कहले हवें कि हमरे नाती के सरकारी नौकरी लगवा दिहें। एही से बड़ा खुशी बा। उन्होंने बताया कि वह पिछले 50 साल से मदिर से जुड़े हैं। वो पिछले कई सालों से योगी जी की सेवा कर रहे हैं। एक बार तो योगी जी ने उनकी सेवा से खुश होकर 2000 रुपये भी इनाम में दिया था।
योगी बाबा पुलिस नहीं सुनती
पीपीगंज के नैनसर इलाके की रहने वाली सरिता त्रिपाठी मंदिर पहुंचीं थीं। फरेंदा के दाड़ी में भी उनकी संपत्ति है। उन्होंने बताया कि फरेंदा में रहने वाला उनके पट्टीदार ने मकान गिरा दिया है। जब वह फरेंदा मकान पर जाती हैं तो पट्टीदार गालियां देता है। यही नहीं यहां आने पर जान से मारने की धमकी भी देता है। पुलिस के पास शिकायत लेकर जाने पर कुछ नहीं होता है। वह मंदिर में योगी आदित्यनाथ से मिलने इसी उम्मीद से आई थी कि उसकी परेशानी दूर हो सके।
मां कैंसर से पीड़ित है, फीस माफ करवा दीजिए
सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज में बीएड की पढ़ाई कर रही वर्तिका श्रीवास्तव मंदिर पहुंच मुख्यमंत्री से मिलीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि उनकी फीस माफ कर दी जाए। उन्होंने बताया कि उनकी मां शांति श्रीवास्तव दो सालों से कैंसर बीमारी से पीड़ित हैँ। उनका इलाज टाटा कैंसर अस्पताल में चल रहा है। जिस वजह से उनपर आर्थिक तंगी का बोझ आ गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई की उनकी फीस माफ कर दी जाए। मुख्यमंत्री डीएम से हर संभव मदद करने को कहा है।
घंटों इंतजार कर निराश लौटे
वेतन बहाली की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे 45 आउटसोर्सिंग कर्मचारी शनिवार सुबह ही गोरखनाथ मंदिर में सीएम से मिलने पहुंचे थे। लेकिन घंटों इंतजार और मंदिर में भारी भीड़ की वजह से वो नहीं मिल सके। शुक्रवार को भी मंदिर में पहुंचकर इंतजार में घंटों बैठे रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तय कार्यक्रम का हिस्सा न होने की वजह से वह मिल नहीं मिल पाए थे।
फरियादियों संग घंटों खुद भी खड़े रहे
शनिवार को योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में मौजूद थे। हमेशा की तरह ही सुबह नौ बजे जनता दरबार में पहुंच गए थे। उनके पहुंचने के साथ ही फरियादियों का आना भी शुरू हो गया। योगी आदित्यनाथ बारी-बारी सबकी समस्या सुनकर उसके निदान के लिए संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने को भी बोलते गए। जनता दरबार सुबह नौ बजकर 15 मिनट से 11 बजकर 30 बजे तक लगाया गया। इस दौरान फरियादियों के साथ योगी आदित्यनाथ और जिले के सभी संबंधित अधिकारी साथ खड़े रहे।