रविवार की शाम को बांगुर मीट खरीद कर घर ले गए और दामाद को खिलवाया। भोजन करने के बाद पूरा परिवार रात में सो रहा था। रात करीब साढ़े बारह बजे दामाद जगा तो उसके साथ सोए साले के 14 वर्षीय बेटे आदित्य पुत्र रघुपत की भी नीद टूट गई। फूफा मंटू के हाथ में कुल्हाड़ी देखकर आदित्य ने पूछताछ की तो उसने ताबड़तोड़ आदित्य के ऊपर तीन बार प्रहार करके घायल कर दिया।
उसके बाद सोई 55 वर्षीय सास किसमती एवं 62 वर्षीय ससुर बांगुर को कुल्हाड़ी से प्रहार कर मौत के घात उतार दिया। घायल किशोर आदित्य की चीख पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और अगल-बगल के लोग जुट गए। इधर आरोपी दामाद मंटू मौके से भाग निकला और रात में ही 40 किलोमीटर दूर अपने घर धर्मकटा पहुंच गया। आरोपी ने अपनी पत्नी की गला दबा कर हत्या करने की कोशिश की।
बहू के बचाव में पहुंचे पिता जयराम पर ईट से प्रहार कर घायल कर दिया गया। पत्नी भाग कर दूसरे के घर पहुंच कर छिप गई। बाद में पत्नी ने मायके संपर्क किया और उसी से घटना की जानकारी हुई। सूचना के बाद एसपी, सीओ और एसओ मौके पर पहुंच गए और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। मृतक के भाई श्रीकिशुन ने पुलिस को घटना की यहीं कहानी बताते हुए तहरीर देकर आरोपी दामाद मंटू मद्धेशिया के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया।
एसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि आरोपी मंटू मद्धेशिया को घटना में प्रयुक्त रक्त रंजित कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। उसने कई बार सास-ससुर और पिता से शिकायत की, लेकिन लोग उसकी सुनते ही नहीं थे। पिछले तीन-चार दिनों से आरोपी ससुराल में ही डेरा डाले था। मौका पाकर उसने रात में सास और ससुर की हत्या कर दी, जबकि साले के बेटे को घायल कर दिया। उसने अपने पिता और पत्नी की भी हत्या करने की प्लानिंग की थी, लेकिन उसमें कामयाब नहीं हो पाया।