चुनाव ड्यूटी पर जाते वक्त पशु विभाग के कर्मचारी असदुल्लाह खां की शनिवार की सुबह मौत हो गई। पोलिंग पार्टियों के रवानगी स्थल गोरखपुर यूनिवर्सिटी जाते वक्त रास्ते में उनकी तबीयत खराब हो गई। छोटा भाई उन्हें अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घरवालों का आरोप है कि असदुल्लाह की तबीयत पहले से ही खराब थी। चुनावी ड्यूटी कटवाने के लिए उन्होंने आवेदन भी किया था, मगर प्रशासन ने प्रार्थनापत्र पर ध्यान नहीं दिया, जिसके दबाव में उनकी मौत हो गई। हालांकि घरवालों ने अभी शिकायत नहीं की है।
तिवारीपुर थाना क्षेत्र के असदुल्लाह खां (42) पशु चिकित्सालय डवरपार में फॉर्मासिस्ट थे। घर के सदस्य वसीम के मुताबिक कुछ दिन पहले मार्ग दुर्घटना में वह घायल हो गए थे। उन्हें हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई थीं। चुनावी ड्यूटी कटवाने के लिए उन्होंने प्रार्थनापत्र दिया था, जिस पर जिला प्रशासन ने उन्हें मेडिकल बोर्ड में जांच के लिए भेज दिया था। 25 फरवरी को हुई जांच में बोर्ड ने उन्हें ड्यूटी के लिए फिट बता दिया, जिससे उन्हें छुट्टी नहीं मिल पाई।
घरवालों के अनुसार डॉक्टरों ने उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताया है। तिवारीपुर इंस्पेक्टर रवींद्र पांडेय ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, न ही घरवालों की तरफ से कोई तहरीर दी गई है। असदुल्लाह के 11 साल के दो जुड़वा बेटा-बेटी के अलावा एक 15 साल का बड़ा बेटा है।
डीएम ने दी पांच लाख की आर्थिक मदद
ला निर्वाचन अधिकारी सन्ध्या तिवारी ने असदुल्लाह खां को निर्वाचन ड्यूटी पर मानते हुए उनके परिवार वालों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। उन्होंने बताया कि चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में पार्टी संख्या 103 में पीठासाीन अधिकारी के तौर पर उनकी ड्यूटी लगी थी।