मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षाएं इस बार फिर से मदरसे में होंगी। इसके लिए जिले में सात केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें से छह मदरसे हैं। पिछली सरकार में कैबिनेट मंत्री आजम खां के आदेश के बाद मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं यूपी बोर्ड के राजकीय कॉलेजों में कराई गई थीं। सरकार बदलने के साथ ही यह व्यवस्था भी बदल गई।
उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के मुंशी, मौलवी, आलिम, कामिल, फ ाजिल पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं 25 अप्रैल से 8 मई तक चलेंगी। इसमें जिले के करीब 4604 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। पिछले सत्र में करीब 6000 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इस बार जिले में मुंशी में 962, मौलवी में 1098, कामिल में 1495, आलिम में 729 व फ ाजिल में 320 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। परीक्षा में जिले के 53 मदरसे शामिल होंगे।
परीक्षा दो पालियों में होगी। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 8 से 11 बजे तक और द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 2 से 5 बजे तक होगी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी धर्मदेव त्रिपाठी ने बताया कि प्रवेश पत्र व परीक्षा स्कीम मदरसा शिक्षा परिषद की वेबसाइट www.upbme.edu.in पर उपलब्ध है, जिसे परीक्षार्थी डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा के लिए जिले में सात केंद्र निर्धारित कर लिए गए हैं।
इन केंद्रों पर इतने परीक्षार्थी
इस बार मदरसा अंजुमन इस्लामियां खूनीपुर में 10 मदरसों के 1492, मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया इमामबाड़ा दीवान बाजार में 11 मदरसों के 1178, मदरसा अनवारुल उलूम गोला बाजार में 8 मदरसों के 586, मदरसा अरबिया शमसुल उलूम सिकरीगंज में 5 मदरसों के 670, राम जतन यादव इंटरमीडिएट कॉलेज भटहट में 9 मदरसों के 345, मदरसा जियाउल उलूम पुराना गोरखपुर में 7 मदरसों के 185 और मदरसा अरबिया मिसबाहुल उलूम असौजी बाजार में तीन मदरसों के 148 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे।
परीक्षा केंद्र बनने से मदरसों में खुशी
सपा सरकार ने पिछले साल मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के लिए राजकीय इंटर कॉलेजों और राजकीय हाईस्कूलों को केंद्र बनाया गया था। मदरसे के इतिहास में पहली बार एक भी मदरसे को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया था। 24 फ रवरी 2016 को प्रदेश के नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. आजम खां ने माध्यमिक शिक्षा परिषद और मदरसा शिक्षा परिषद के अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया था। तब आल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया ने इसे मदरसों के साथ नाइंसाफ ी बताया था। काफ ी विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। अब फिर से परीक्षा केंद्र बनाए जाने से मदरसों में खुशी का माहौल है।