डायबिटीज, हार्ट और फंगस इंफेक्शन जैसे मर्ज में नियमित रूप से चलने वाली दवाएं तीस फीसदी तक सस्ती हो गईं हैं। सरकार इन्हें ड्रग कंट्रोल के दायरे में ले आई है। राष्ट्रीय मूल्य औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने तीन सॉल्ट की महत्वपूर्ण दवाओं के दामों को नए सिरे से निर्धारित कर दिया है।
दरअसल 2013 में ही देश में इस पर एक सर्वे हुआ था। इसके अनुसार देश में डायबिटीज, हार्ट व फंगस इंफेक्शन के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इन रोगों के कई मरीज दवाएं महंगी होने की वजह से या तो खरीद नहीं पाते अथवा इसका इस्तेमाल बीच में ही बंद कर देते हैं।
इससेे उनकी जान पर खतरा बन जाता हैं। इसी सर्वे के आधार पर दवाओं के दाम नए सिरे से निर्धारित करते हुए कम किए गए हैं। दवा विक्रेता समिति के महामंत्री आलोक चौरसिया ने बताया कि इस बदलाव के बाद डायबिटीज में दी जाने वाली जो गोली 37 रुपये की थी, वह अब महज 23 रुपये में मिलेगी।
इसी तरह हर पावर के हिसाब से दवाओं के दाम को कम किया गया है। इस सूची में उन्हीं सॉल्ट को शामिल किया गया है, जिससे इस मर्ज की सर्वाधिक दवाएं बनती हैं।