मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में एक दीवाने के उत्पात ने डॉक्टर से लेकर मरीजों तक की सांसत बढ़ा दी। बरसात शुरू होते ही टूटे पैर पर दीवाना नंदनी को खोजने बरसात में निकल पड़ा। दौड़-दौड़ कर खुद को ही लहूलुहान कर लिया। कर्मचारियों की नजर जब पड़ी तो उसे उठाकर फिर से वार्ड में भर्ती किया गया।
अभी कुछ देर ही गुजरा था कि बगल में भर्ती बच्चे का गला दबाकर कहने लगा कि तुम्हारी ही वजह से नंदनी नहीं मिल रही है। तीमारदार बच्चे की जान बचाने के लिए चिल्लाए और उसे फिर से बेड पर ले गए। उसका उत्पात यही खत्म नहीं हुआ। महिला डॉक्टर उसे इंजेक्शन लगाने पहुंची तो उन्हें भी दिवाने का शिकार होना पड़ा। उसने डॉक्टर का हाथ ही ऐंठ दिया। मौजूद कर्मचारियों ने उसे छुड़ाया और बेड पर हाथ पैर बांध दिया।
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शुक्रवार की देर रात हादसे में घायल 30 वर्षीय युवक को राहगीर ने भर्ती कराया। उसका दाहिना पैर टूट गया था। डॉक्टर ने प्लास्टर कर ट्रॉमा सेंटर में रखा और बाद में इमरजेंसी वार्ड के बेड नंबर तीन पर शिफ्ट कर दिया। कुछ देर तक तो वह सामान्य रहा, मगर रात में जैसे ही बरसात शुरू हुई। नंदनी-नंदनी चिल्लाते हुए बाहर की ओर दौड़ पड़ा। कर्मचारियों ने उसे वार्ड में लाए।
बगल में दो नंबर बेड पर सिवान का रहने वाला 12 वर्षीय छोटू भर्ती था। थोड़ी देर बाद उसने उसका गला दबाने की कोशिश की, एक बार फिर कर्मचारियों ने उसे पकड़ा और बेड पर ले गए। इसके बाद इंजेक्शन लगाने पहुंची महिला डॉक्टर का हाथ एेंठ दिया। हाथ में सूजन आने की वजह से डॉक्टर छुट्टी पर चली गई। फिलहाल उसके हाथ पैर को बांधकर इलाज किया जा रहा है। अपना नाम नहीं बता रहा है। हाथ में सोहन नाम गोदा हुआ है।