ईवीएम बदलने के आरोप पर भले ही सड़क पर कुछ न हुआ हो और मामला शांत हो गया हो। लेकिन चुनाव आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। जांच के लिए अपर आयुक्त बस्ती मंडल वीके दोहरे शुक्रवार की देर रात जिला मुख्यालय पहुंचे और रेस्ट हाउस में प्रशासन और प्रत्याशियों का पक्ष जाना। शनिवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को रिपोर्ट भेजने की बात भी कही है।
14 मई को मतगणना स्थल के रूप में चयनित जिला मुख्यालय स्थित नवीन मंडी समिति पर दोपहर अचानक हंगामा हो गया। प्रशासन की ओर से तहसीलदार अपने निजी वाहन और एक अन्य वाहन पर ईवीएम और वीवीपैट लेकर जा रहे थे। इस बीच बसपा-सपा गठबंधन व कांग्रेस के प्रत्याशियों व उनके समर्थकों को सूचना हो गई। उन्होंने तहसीलदार से सवाल-जवाब किया, लेकिन वह स्पष्ट उत्तर नहीं दे सके।
मौके पर एडीएम ने भी पहुंचकर लोगों को समझाया, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। इसके बाद डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे। जहां प्रशासन से तीखी नोंक- झोंक भी हुई। इस बीच डीएम और एसपी ने बताया कि ले जाए जा रहे ईवीएम बिना प्रयोग के थे। वह वेयर हाउस में ले जाए जा रहे थे।
मामले की लिखित जानकारी प्रत्याशियों समेत लखनऊ निर्वाचन कार्यालय को भी दी गई। इसके बाद जाकर मामला शांत हुआ। इस बीच कांग्रेस और गठबंधन के नेताओं ने शिकायत भी की। शिकायत के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जांच अपर आयुक्त बस्ती मंडल वीके दोहरे को सौंपी।
शुक्रवार रात पहुंचे अपर आयुक्त ने कांग्रेस, गठबंधन प्रत्याशी के भाई और सपा के एक नेता से घंटों सवाल जवाब कर नोट किया। इसके बाद प्रशासन का पक्ष भी लिया। सूत्रों की माने तो 14 मई की घटना की पूरी रिपोर्ट अपर आयुक्त को मिल गई है। अपर आयुक्त वीके दोहरे ने बताया कि जांच की गई है। रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी गई है।