जाफरा बाजार में पचास सालों से चल रहे मेडिकल केयर यूनिट को खामोशी से बंद कर दिया गया है। यही नहीं उसी भवन में चल रही स्कूल हेल्थ डिस्पेंसरी भी बंद हो चुकी है। वहां तैनात डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियों को कंट्रोल रूम तथा दूसरे हेल्थ पोस्ट पर अटैच कर दिया गया है।
जाफरा बाजार में किराए के भवन में करीब 50 सालों से मेडिकल केयर यूनिट और स्कूल हेल्थ डिस्पेंसरी चल रही थी। केयर यूनिट दस बेड के अस्पताल की तरह काम करता था और इसमें एक डॉक्टर, एक फार्मेसिस्ट समेत 9 स्वास्थ्य कर्मचारी तैनात थे। वहां पर मरीज भी पहुंचते थे और टीम स्कूलों में जांच भी करती थी। मकान मालिक ने जब मकान खाली करने को कहा तो अफसरों ने ध्यान ही नहीं दिया और बिना दूसरी जगह खोजे ही भवन को खाली करने का निर्णय ले लिया। भवन पूरी तरह से खाली होने से पहले ही सीएमओ ने सभी कर्मचारियों को कंट्रोल रूम और हेल्थ पोस्ट पर नयी तैनाती भी दे दी। जबकि जिन जगहों पर इनकी तैनाती हुई है वहां पर न तो इनके जिम्मे कोई काम है और न ही कोई जरूरत थी।
डॉ. अश्वनी कुमार चौरसिया, फार्मासिस्ट ओमप्रकाश मिश्रा, ज्ञान प्रकाश को कंट्रोल रूम, वार्ड ब्वॉय कैलाशनाथ पांडेय, अंजुम अब्बास को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतिरक्षण के अधीन, स्वीपर राजेश कुमार, रमजान अली को सीएमओ दफ्तार, वार्ड ब्वॉय सम्मुननिशा को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया और नजमा खातून को हेल्थ पोस्ट झरना टोला में नई तैनाती दी गई है।
मकान मालिक ने भवन खाली करा लिया है जिसके कारण दोनों को बंद करना पड़ा। दूसरे भवन की तलाश की जा रही है जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. एमके सिंह, सीएमओ