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इंसेफेलाइटिस वार्ड के इमरजेंसी में ताला, मरीज शिफ्ट

Fri, 10 Jun 2016 08:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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मेडिकल कालेज में खाली पड़ी इंसेफलाइटिस वार्ड की इमरजेंसी। - फोटो : mahesh kumar
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मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड की इमरजेंसी की एसी शुक्रवार को खराब होने पर गर्मी से बेहाल मरीजों को दूसरे केबिन में शिफ्ट कराया गया है। यह हाल तब है जब कुछ दिन पहले ही इस वार्ड की एसी की मरम्मत पर हजारों रुपये खर्च किए गए थे।
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इंसेफेलाइटिस वार्ड के ‘एल’ केबिन में इमरजेंसी चलती है। शुक्रवार को अचानक उसमें खराबी आ गई। इसके बाद गर्मी में जब मरीज बेहाल होने लगे तो उन्हें ‘जे’ केबिन में ले जाया गया। मगर यहां वेंटिलेटर के मुकाबले मॉनीटर कम होने से मरीजों के इलाज में दिक्कतें आने लगीं। अभी कुछ दिन पहले ही एसी की मरम्मत कराई गई थी। बावजूद इसके एसी ठीक से नहीं चल पा रही थी और शुक्रवार को खराब हो गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही एसी ठीक करा लिया जाएगा।

नहीं ठीक हो पाई सेक्शन मशीन
मेडिकल कॉलेज में पांच दिनों से खराब पड़ी सेक्शन मशीन को अभी तक ठीक नहीं कराया जा सका है। तीन मशीनें खराब हैं और अब सिर्फ एक मैनुअल मशीन के जरिए ही इंसेफेलाइटिस वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। इसे लेकर कॉलेज प्रशासन ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा एंड संस को मेल भी किया है। बताया जा रहा है कि सेक्शन मशीन विदेशी कंपनी की है, जिससे इसकी गारंटी मिली ही नहीं है और इसकी मरम्मत भी नहीं हो पा रही है।
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मुफ्त जांच को लेकर हंगामा
सेंट्रल पैथोलॉजी में मुफ्त जांच को लेकर मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर पांच की सिस्टर इंचार्ज ने खूब हंगामा मचाया। बेटी की जांच कराने आई रबिता से जब पैथॉलॉजी में कंप्यूटर ऑपरेटर ने फीस मांगी तो यह बात उन्हें नागवार लगी। इस पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। सिस्टर इंचार्ज के साथ आए एक अन्य शख्स ने ऑपरेटर के साथ बदसलूकी भी की। ऑपरेटर ने प्रिंसिपल से शिकायत की है। एसआईसी का कहना है कि केवल प्रिंसिपल और एसआईसी जांच मुफ्त कर सकते हैं।

प्राचार्य ने की बैठक
इंसेफेलाइटिस की दवाएं व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर प्राचार्य ने मातहतों के साथ बैठक की। केंद्र सरकार ने दवाओं की सप्लाई करने से पहले शर्त लगाई है कि पहले बीते साल भेजी गई दवाओं का ब्योरा भेजा जाए, उसके बाद ही बजट दिया जाएगा। इसी को लेकर प्राचार्य ने बैठक कर मातहतों को आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया है। 
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