कसया थाने से शराब तस्कर मनीष
को छोड़ा, एफआईआर में भी खेल
एएसपी की जांच में पुलिस की संदिग्ध भूमिका उजागर, थानेदार लाइन हाजिर
कुशीनगर। अवैध शराब के साथ पकड़े जाने के बावजूद कसया थाने से शराब तस्कर मनीष को छोड़ दिया गया और इस मामले में दर्ज एफआईआर में भी खेल किया गया है। मंगलवार को गांधी चौक के पास कसया के थानेदार सुनील राय की प्राइवेट गाड़ी से तस्करी की शराब बरामद होने के मामले की जांच रिपोर्ट में एडिशनल एसपी गौरव बंशवाल ने दो टूक यही निष्कर्ष दिया है। एसपी ने थानेदार को लाइन हाजिर कर दिया। उधर आईजी ने यह रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इधर, विधायक तमकुहीराज अजय कुमार लल्लू ने बुधवार को यह मामला विधानसभा में उठाया, जिस पर सरकार शुक्रवार को जवाब देगी।
एडिशनल एसपी गौरव बंशवाल ने जांच रिपोर्ट में लिखा है कि न केवल पुलिस ने तस्कर मनीष को थाने से छोड़ दिया, बल्कि कसया थाने के दरोगा धर्मेंद्र कुमार की तहरीर पर ट्रक ड्राइवर अब्दुल्ला पर तो पुलिस ने केस तो दर्ज किया, लेकिन तस्कर के नाम का जिक्र भी नहीं किया गया है। बल्कि उसे बचाने के लिए पुलिस ने लिखा है कि वहां पर कई लोग मौजूद थे और वह बयान देने को तैयार ही नहीं हुए हैं। एएसपी की रिपोर्ट को आईजी जय नारायण सिंह ने शासन को भेज दिया है।
मामला मंगलवार की रात सोशल मीडिया से उजागर हुआ। रात में एसओजी टीम शराब तस्करी की सूचना पर पहुंची थी और गांधी चौक के पास से शराब पकड़ी भी गई। ट्रक से शराब उतारकर एक प्राइवेट गाड़ी में लादी जा रही थी। गाड़ी कसया थानेदार सुनील राय की भाभी ममता के नाम से पंजीकृत है। इसकी सूचना पाते ही थानेदार सुनील राय और सीओ तरकुलहा राणा महेंद्र प्रताप भी मौके पर पहुंच गए और फिर दोनों टीमों में असलहे तन गए थे। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने पर एडीजी एलओ के आदेश पर आईजी जय नारायण सिंह रात में ही मौके पर पहुंच गए थे। पूछताछ के बाद पुलिस की भूमिका संदिग्ध लगने पर आईजी ने एएसपी को जांच सौंपी थी। बुधवार को आईजी को रिपोर्ट मिली। जांच रिपोर्ट में एएसपी ने साफ लिखा है कि तस्कर मनीष को मौके से ही एक गाड़ी के साथ पकड़ लिया गया था और थाने भेजा भी गया, लेकिन सीओ के पहुंचने से पहले ही उसे थाने से छोड़ दिया गया। पुलिस और तस्करों के बीच साठगांठ उजागर होने के बाद गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है। आईजी जय नारायण सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट में तस्कर को छोड़े जाने का जिक्र है। आला अफसरों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
---------------
बगैर जांच-पड़ताल युवक को छोड़ दिया था
अमर उजाला ब्यूरो
कुशीनगर। कसया एसओ सुनील राय की प्राइवेट गाड़ी से अवैध शराब बरामद होने का मामला दबा दिया गया था। लेकिन स्वॉट टीम के ही किसी पुलिसकर्मी ने मामला दबता देखकर प्राइवेट गाड़ी में अवैध शराब लाद रहे तीन चौकीदारों से हुई पूछताछ की रिकार्डिंग का वीडियो वायरल कर दिया तो हड़कंप मच गया। आईजी ने मामले की जांच एएसपी गौरव वंशवाल को सौंप दी। एएसपी ने बताया कि जांच में पाया गया कि एसओ सुनील राय किसी रिश्तेदार के नाम से पंजीकृत गाड़ी में अवैध शराब लदे ट्रक से उतरवाकर लदवा रहे थे। नियमानुसार प्राइवेट गाड़ी में अवैध शराब नहीं लदवाया जा सकता है। इसके लिए वह दोषी पाए गए। सीओ तमकुहीराज ने जिस मनीष सिंह नाम के युवक को पकड़ कर एसओ को सुपुर्द किया था, उसे भी बगैर जांच-पड़ताल के एसओ ने छोड़ दिया। इसके लिए भी एसओ दोषी पाए गए। एसओ की गाड़ी में 250 लीटर अवैध शराब मिली थी। इस मामले में अब्दुल्ला निवासी तीहाई मोहल्ला मकदूमपुर रोड चौधरीपुरा थाना मवाना जिला मेरठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
‘सीओ की रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कारवाई’
एसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि एएसपी की जांच में एसओ कसया दोषी पाए गए हैं। एसओ सुनील राय को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया। उनके खिलाफ सीओ कसया को विभागीय जांच सौंपी गई है। सीओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना से पुलिस की छवि धूमिल हुई : आईजी
आईजी गोरखपुर जेएन सिंह ने बताया कि एएसपी की जांच में एसओ कसया सुनील राय दो बिंदुओं पर दोषी पाए गए हैं। इस घटना से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है। दोषी एसओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को निर्देश दिए गए हैं। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट डीजी कार्यालय को भेेजी गई है।
............
दस लाख रुपये में थाने से छोड़े जाने की चर्चा
गोरखपुर। जिले से लेकर गोरखपुर में बैठे पुलिस अफसरों तक चर्चा है कि थाने से दस लाख रुपये के लेनदेन के बाद मनीष को छोड़ा गया है। एक जनप्रतिनिधि ने भी इसकी पुष्टि करते हुए एक पुलिस अफसर को इसकी जानकारी दी है। इसकी भी गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है।
......
पुलिस से सेटिंग कर तस्करी कराता है मनीष
मूल रूप से गोपालगंज, बिहार का रहने वाला मनीष लंबे समय से गोरखपुर में रहता है। यहां पहले वह चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त में लिप्त हुआ। करीब पांच साल पहले सहजनवां के तत्कालीन एसओ संजय राय के पास से भी एक चोरी की गाड़ी बरामद हुई थी। इस प्रकरण में एसओ संजय पर एफआईआर हुई थी जिसमें मनीष सह अभियुक्त बना था। इसके बाद से उसका नाम सुर्खियों में आया। बिहार में शराब बंदी के बाद वह शराब की तस्करी करने लगा। हाइवे के थानों से सेटिंग कर पहले वह तस्करी की शराब को मुखबिरी करके पकड़वाता और फिर थाने से खुद ही शराब खरीद लेता है। कुछ शराब पुलिस के मालखाने में जाती है बाकी पुलिस वालों से सेटिंग कर मनीष बिहार में बेचता है। जिससे अच्छी आमदनी होती है।
...
बचाव में दरोगा बोले, मैंने ही पकड़ी थी शराब
एएसपी की जांच में थानेदार सुनील ने बताया कि कसया थाने की पुलिस ने ही शराब पकड़ी थी। गाड़ी में लादकर शराब थाने ही लाई जा रही थी। इसी बीच एसओजी टीम आकर उलझ गई। हालांकि ट्रक से प्राइवेट गाड़ी में शराब क्यों लादी जा रही थी इसका सवाल वह सटीक नहीं दे पा रहे हैं।
विधानसभा में उठा मामला
कुशीनगर। तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार लल्लू ने कसया थानेदार से संबंधित प्राइवेट कार में अवैध शराब पकड़े जाने का मामला विधानसभा में उठाया। सरकार इस संबंध में बुधवार को विधानसभा में जवाब देगी।
विधायक ने मामला उठाते हुए कहा कि अवैध जहरीली शराब के सेवन से विगत दिनों तमाम लोगों की जान जा चुकी है। तब भी सरकार की अनदेखी से पुलिस खुद इस धंधे से लाभ अर्जित कर रही है। सरकार के मामले को गंभीरता से न लेने का नतीजा है कि पुलिस अवैध शराब का धंधा रोकने के बजाय स्वयं उसमें संलिप्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि कुशीनगर में बिहार के बार्डर से लगे सभी थानों में अवैध शराब के व्यापार में पुलिस की संलिप्तता की जांच कराई जाए एवं एसओ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। विधायक ने बताया कि सरकार की तरफ से इस मामले में बुधवार को जवाब दिया जाएगा।