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आधा जवाब देख ही कर दिया पूरा मूल्यांकन

Wed, 20 Apr 2016 08:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के विधि विभाग के चौथे सेमेस्टर के छात्र एक तरफ जहां परीक्षा परिणाम को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में विभाग के शिक्षकों की एक और लापरवाही सामने आई है। विधि अंतिम वर्ष की परीक्षा में एक सवाल के जवाब को पूरा पढ़े बिना ही परीक्षक ने नंबर दे दिया। इसे लेकर आरटीआई के तहत मिली कॉपी की छायाप्रति देख हैरत में पड़े छात्र ने परीक्षा नियंत्रक को साक्ष्य के साथ पत्र लिखकर न्याय की मांग की है।
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पीडी लॉ कॉलेज खलीलाबाद के एक छात्र द्वारा परीक्षा नियंत्रक को लिखे पत्र के मुताबिक उसे जब छठे सेमेस्टर के सिविल प्रोसीजर कोड (सीपीसी) प्रश्नपत्र में मिले नंबर पर विश्वास नहीं हुआ तो उसने आरटीआई के तहत अपनी कॉपी दिखाने के लिए आवेदन किया। इसके बाद ऑनलाइन कॉपी की प्रति जब उसे मिली तो वह यह देखकर हैरान रह गया कि परीक्षा में पूछे गए प्रश्न संख्या पांच का जवाब उसने पृष्ठ संख्या पांच से 11 के बीच लिखा था, जबकि उसका मूल्यांकन पृष्ठ संख्या आठ पर ही कर दिया गया है, जबकि यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक उत्तर के अंत में ही नंबर दिए जाने का प्रावधान है।

इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि उत्तर को पूरा पढ़े बिना ही मूल्यांकन किया गया है। इसके अलावा उत्तर संख्या सात, जो पृष्ठ संख्या 12 से 15 के बीच लिखा गया है, उसमें पृष्ठ संख्या 14 का मूल्यांकन नहीं हुआ है। इसके अलावा छात्र ने मूल्यांकन में कई और छोटी-छोटी कमियों पर आपत्ति जताई है। मूल्यांकन पर सवाल उठाते हुए उत्तर पुस्तिका की प्रति लगाकर छात्र ने परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखा है और कार्रवाई की मांग की है। 
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उत्तर पूरा होने के पहले ही नंबर देने के मामले को लेकर एक छात्र का शिकायती पत्र मिला है। मामला विधि विभाग का है। इसलिए उसे कार्रवाई के लिए डिपार्टमेंट में भेज दिया गया है। जल्द ही इसे लेकर स्थिति साफ हो जाएगी। 
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- डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक, गोरखपुर यूनिवर्सिटी 
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