बाबा बंदा बहादुर के 300वें शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा जटाशंकर में गुरुमत प्रचार का आयोजन हुआ। इस अवसर पर पटियाला से आए कथावाचक गुरुबख्श सिंह के जत्थे ने गुरुमत विचार रखे तो ज्ञानी प्रीतम सिंह के जत्थे द्वारा गुरुवाणी कीर्तन से संगत निहाल हुई।
कथावाचक ने भक्तजनों को बताया कि गुरुग्रंथ साहिब सामाजिक समानता के प्रतीक हैं और समूची मानव जाति को एक ईश्वर का संदेश देते हैं। गुरुग्रंथ साहिब की विचारधारा पर चलकर ही विश्व शांति की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। बाबा बंदा सिंह की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा बंदा सिखराज के पहले बादशाह थे, जिन्होंने गुरुनानक देव और गुरु गोविंद सिंह के नाम का सिक्का चलाया और सरहिंद फतेह करके सिख राज की स्थापना की।
गुरुबख्श सिंह ने बताया कि गुरमत प्रचार दौरे की शुरुआत हो चुकी है। यह कार्य बाराबंकी, करनैलगंज, गोंडा, लखनऊ, रायबरेली होते हुए पांच जून को गुरुद्वारा साहिब कानपुर में समाप्त होगा। इस अवसर पर समरजीत सिंह, जसपाल सिंह, जगनैन सिंह, परमजीत कौर राना, निर्मल कौर, हरलीन कौर, हरगुन सिंह, हरबंश सिंह, सतपाल सिंह, केशवदास, त्रिलोचन सिंह, गुरुदेव सिंह, कृपा कौर समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
गुरुद्वारों में समर कैंप का आयोजन
इक ओंकार सेवा समिति की ओर से शहर के तीन प्रमुख गुरुद्वाराें जटाशंकर, पैडलेगंज और मोहद्दीपुर में समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने बताया कि 29 मई से 19 जून तक चलने वाले इस कैंप में पंजाबी भाषा, सिख इतिहास और गुरुमत की जानकारी दी जाएगी। कैंप के दौरान हाईस्कूल और इंटर में 75 फीसदी से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा।