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गोरखपुर: बुखार के कहर से 52 बीमार, स्वास्थ्य विभाग में मची खलबली

Sat, 06 Jul 2019 05:30 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महाराजगंज

सार

गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम, गलियों में कूड़ा-कचरा जमा
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बुखार की चपेट में आए लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महराजगंज के बृजमनगंज ब्लॉक के मटिहनवां टोला दूधरहवां में बुखार के कहर से सभी बेहाल हैं। विहार में चमकी बुखार से होने वाली मौतों से बेखबर स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। यही कारण है कि बुखार के कहर ने दुधरहवां टोले के लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। बीते मंगलवार से ही बच्चों समेत बड़े लोगों को भी बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया है। इसकी भनक शुक्रवार को स्वस्थ्य विभाग को लगी तो आनन-फानन में टीम भेजकर इलाज शुरू किया गया, लेकिन गांव में फैली गंदगी और आबादी के बीच सुअर बाड़े संक्रमण के खतरे को बढ़ा रहे हैं। 

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गांव में बुखार से पीड़ित बच्चों को हाल बेहाल है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि त्वरित इलाज से बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है। बताया गया कि मटिहनवां टोला दूधरहवां में अंश (4), श्रीअंश (18 माह), रूबी (12), महिमा (4 ), सागर (6), सत्यम (3 ), आनन्द (26), संध्या (10), साधना (8), सोना (3), अमित (5), सुरेश (25), अनुराधा (10 ), आदित्य (8), प्रदीप (15), रीमा (19), संदीप (17) , रविकुमार (13), बीरू (8), अर्जुन (7), सुमित्रा (3), लक्ष्मन (18), लक्ष्मी (15), विशम्भर (54), राकेश (34), संगीत (30), सूरज (14), चन्दा (9), चांदनी (7), चंदन (4), हेमन्त (45), आंशिक (2), सोहरती (55), अनूप कुमार (16), रिंकी (12), राधिका (12), गुड्डी (38), विक्की (8), विवेक (5), सोनम (3), छाया (22) , रोशनी(15), दिवाकर (7), दीपक (9), रामकुमार (36), पूजा (13), संदेश (10) , संगम (6), रेशमा (8), मानती (30) बुखार से पीडित हैं। 

इनका इलाज स्वास्थ्य टीम कर रही है। इसके अलावा गांव में फॉगिंग कराया गया। झाड़ियां भी कटवाई गई। बुखार से पीड़ित घर पडे हैं। गांव के लोग सहमे हुए हैं कि कहीं बुखार का कहर और तेज हुआ तो पूरा गांव इसकी चपेट में आ सकता है। एसीएमओ डॉ. विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। त्वरित इलाज किया गया जिससे बच्चों समेत लोगों को राहत मिली है। क्लोरिन की गोली हैंडपंप में डाली गई हैं। सफाई कराने के साथ फॉगिंग भी कराया गया। बुखार होने का कारण गांव में साफ सफाई नहीं होना है। इसके अलावा आबादी से सटे सुअरबाड़ा भी नहीं हटाए गए हैं।

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