जैसे ही जहीन वहां पहुंचा, सभी ने मिलकर गली में उसपर हॉकी से हमला कर दिया गया। सिर पर चोट लगते ही वह नीचे गिर गया। इसके बाद जहीन के सिर पर कपड़ा लपेटकर उसे बर्फखाना स्थित कयामुद्दीन के ग्रील की दुकान पर लाया गया। जहां रस्सी से गला कसा गया और फिर चाकू से कई वार कर जहीन को मौत के घाट उतार दिया गया। दुकान का पीछे का दरवाजा कब्रिस्तान में खुलता है। उसी दरवाजे से साजिश के तहत पहले से ही गड्ढा खुदा हुआ था। वहां दफनाकर सब अपने घर आ गए।
इधर परिजनों की शिकायत पर 12 सितंबर को राजघाट पुलिस ने 12 सितंबर को गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। सोमवार यानी 16 सितंबर को पुलिस ने कब्रिस्तान से जहीन का शव निकलवाया। उसके घरवालों ने कपड़े और कद काठी के आधार पर जहीन की शिनाख्त की।
मामले की जांच क्राइम ब्रांच के हाथ में थी, जिनकी जांच में पड़ोसी कयामुद्दीन और उसकी पत्नी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। सर्विलांस की मदद से जांच हुई तो पता चला कि कयामुद्दीन की पत्नी जेनब ने आखिरी फोन जहीन को किया था। शक के आधार ही पुलिस ने कयामुद्दीन की पत्नी को पूछताछ के लिए शनिवार को राजघाट थाने बुलाया था और फिर छोड़ दिया था।
पत्नी से पूछताछ होने के बाद से ही कयामुद्दीन डर गया था। उसे लगा कि अब वह फंस जाएगा। इसी डर के कारण उसने रविवार सुबह फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उधर, कयामुद्दीन की पत्नी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बर्फखाना निवासी गोलू और तुर्कमानपुर निवासी सुहेल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से कड़ाई से पूछताछ की तो पूरी घटना का पर्दाफाश हो गया।