अपहरण नहीं, प्रेमी के साथ चली गई थी चौरीचौरा की युवती
गोरखपुर। चौरीचौरा से पांच दिन से लापता युवती ने प्रेम विवाह करने के लिए प्रेमी के साथ मिलकर अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी और फिर प्रेमी के साथ आगरा चली गई थी। झूठ को साबित करने के लिए ही उसने खुद के सिर पर केमिकल डालकर खून दिखाने की कोशिश करते हुए तस्वीर वायरल की थी। तस्वीर और बदला लेने के एक संदेश को पिता के मोबाइल पर भी भेजा गया था। पूछताछ में युवक-युवती ने प्रेम करने की बात स्वीकार कर ली और फिर पूरी घटना के बारे में बेबाकी से बोला। पुलिस ने दोनों के खिलाफ झूठी सूचना देने, आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेजा गया।
प्रेम जैसे पाक रिश्ते को निर्विघ्न सिर चढ़ाने के लिए गलत रास्ता अख्तियार करने की सजा अब चौरीचौरा निवासी काजल (22) और आगरा के खंदौली निवासी हरि मोहन (24) को भुगतना पड़ेगा। जांच में यह भी सामने आया कि अपने शिक्षक पिता अनिल पांडेय के व्यवहार से क्षुब्ध होकर कागजन ने यह अतिरेक भरा कदम उठाया। काजल का आरोप है कि उसके पिता उस पर तरह-तरह के चारित्रिक लांछन लगाते थे। इस घटना का चौथा किरदार काजल का फुफेरा भाई राजमणि पुलिस हिरासत में है। उस पर आरोप है कि उसने सच्चाई जानते हुए भी पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी।
सीओ चौरीचौरा सुमित शुक्ला ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेेंस कर बताया कि घटना 10 सितंबर को सामने आई थी। काजल, घर से भोपा बाजार आफिस जाने की बात कहर निकली थी, मगर लौटी नहीं। शाम को पिता के व्हाट्सएप पर काजल की फोटो आई। उसके सिर से खून बह रहा था, हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे। व्हाट्सएप पर फोटो के साथ ही एक संदेश भी था जिसमें बदला लेने की बात लिखी थी। यह देखते ही पिता के होश उड़ गए थे और उन्होंने थाने में सूचना दी थी। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की।
जांच में सामने आया कि काजल का प्रेेम संबंध हरि मोहन से चल रहा है। बीटेक पास हरिमोहन अच्छे परिवार से ताल्लुक रखता है। उससे बात होने के बाद ही काजल घर से निकली थी और फिर भोपा बाजार में दोनों की मुलाकात हुई। वहां से दोनों कुसम्ही जंगल में गए। जहां पर हरिमोहन ने उसके सिर में कोई केमिकल लगाया, जो बिल्कुल खून बहने का आभास दे रहा था। हरिमोहन ने रस्सी से काजल के हाथ-पैर बांधें । काजल के मोबाइल से फोटो खींचकर उसके पिता के मोबाइल भेज दिया। मकसद था कि यह साबित कर दिया जाए कि काजल की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। फिर दोनों ऑटो से विशाल मेगा मार्ट आए। यहां पर कपड़े खरीदे और ऑटो से नौसड़ पहुंचे जहां पर नाश्ता करने के बाद प्राइवेट बस से आगरा चले गए। आगरा से फिर फिरोजाबाद जाकर रहने लगे। घर पर क्या चल रहा है, यह जानने के लिए काजल अपने बुआ के लड़के राजमणि के संपर्क में थी। इसके लिए वह एक ऐसे टेलीफोन नंबर से बात कर रही थी, जिसकी घरवालों को जानकारी नहीं थी। इसी नंबर पर राजमणि पल-पल की रिपोर्ट काजल को दे रहा था। पुलिस राजमणि को भी हिरासत में लेकर उसे भी आरोपी बनाएगी। पुलिस को इस नंबर की भनक लग गई। इस नंबर को पुलिस ने सर्विलांस पर डाला तो लोकेशन फिरोजाबाद मिली। पुलिस टीम इधर फिरोजाबाद के लिए रवाना हुई तो उधर से दोनों गोरखपुर के लिए निकल चुके थे। तय था कि दोनों गोरखपुर में कोर्ट मैरिज करके लुकाछिपी के खेल को खत्म कर देंगे। हुआ उल्टा वे दोनों ज्योंहि रेलवे स्टेशन पहुंचे, पहले से जाल बिछाए पुलिस उनके स्वागत में खड़ी थी। दोनों को रेलवे स्टेशन के सामने पकड़ लिया गया।
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केमिकल साथ लेकर आया था प्रेमी
प्रेमी हरिमोहन गाजियाबाद से बीटेक किया हुआ है। उसे केमिकल के बारे में सटीक जानकारी थी कि इसे लगाने के बाद फोटो में खून की तरह दिखाया जा सकता है। इस वजह से केमिकल लेकर आया था और तय योजना के तहत काम करते चला गया।
पिता को छोड़, सभी जानते थे काजल करती है बातचीत
काजल किसी लड़के से बात करती है। इसकी जानकारी पिता को तो ठीक से नहीं थी लेकिन घर के अन्य सभी सदस्य इस बारे में जानते थे और यही वजह है कि घरवाले नहीं चाहते थे कि काजल कहीं पर काम करें। उन्हें शक था कि इसी बहाने वह घर से निकलती है और फिर प्रेमी से बातचीत करती है।
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स्टार मेकर सिंगिंग एप से करीब आए थे दोनों
. उदासी में एप के इस्तेमाल के दौरान हरि मोहन से हुई थी युवती की पहचान
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। फेसबुकए व्हाट्सएप के जरिए दोस्ती और प्यार की कहानियां तो कई हैं मगर हरि मोहन और युवती का प्यार एक अलग ही एप से हुआ था। इस एप का इस्तेमाल लोग खुद के गानों को अपलोड करने के लिए करते हैं। पुलिस के मुताबिक पिता के लांछन से परेशान होकर ही युवती मोबाइल पर समय बिताने लगी और फिर एक सहेली के बताए गए एप स्टार मेकर सिंगिंग का इस्तेमाल शुरू किया। इसी एप पर अप्रैल 2018 में पहली बार युवती और हरि मोहन का आमना सामना हुआ था। दोनों एप पर पहली बार लाइव हुए थे फिर बातचीत होने लगी। दो तीन बार एप की मदद से बात होने के बाद नंबर का आदान प्रदान हो गया और फिर दोनों के बीच में बातचीत होने लगी जो धीरे धीरे प्यार में बदल गया।
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दो बार आया था हरिओम दिया था मोबाइल
दो बार हरिओम अपनी प्रेमिका काजल से मिलने के लिए गोरखपुर भी आया था। पहली बार दिसंबर 2018 में और फिर मार्च 2019 में। मुलाकात के दौरान उसने काजल को मोबाइल फोन भी दिया जिसमें एक सिम मौजूद था। इस नंबर की जानकारी सिर्फ काजल और हरिओम को ही थी। घरवाले भी इस नंबर से अंजान थे।
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पछतावा नहीं, जेल से आकर करेंगे शादी
. हम बालिग हैं, युवती के पिता की बदनामी की वजह से रच दी थी साजिश
. युवक ने पहले ही कोर्ट मैरिज करने का दिया था प्रस्ताव, मगर युवती ने मरने की कहानी गढ़ने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। हरि मोहन और युवती के बीच गहरा प्यार पनप चुका है। अब पुलिस की बेड़ियों में जकड़े होने के बाद भी दोनों हिम्मत नहीं हारे हैं। मीडिया के सामने आए प्रेमी युगल ने साफ कहा कि उनको अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। दोनों तब भी साथ रहना चाहते थे और अब भी। जेल से जब भी बाहर आएंगे, शादी करके नए जीवन की शुरुआत करेंगे। उधर लड़के के घरवाले भी इस रिश्ते से तैयार है।
मीडिया से बातचीत में युवती ने बताया कि वह पिता की बदनामी नहीं चाहती थी। इसी वजह से उसने खुद ही साजिश रची थी। इसका मकसद था कि यह साबित हो जाए कि वह मर गई है और घरवाले रो बिलख कर उसे भूल जाएं। बुआ के लड़के को भी उसने इसी वजह से पूरी बात बता दी थी ताकि जब वह नई दुनिया बसा ले तो घरवालों को हकीकत बता दी जाए। मगर इसी बीच उसके झूठ को पुलिस ने पकड़ लिया।
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याद आ गया शिखा कांड
काजल की घटना ने शिखा कांड को एक बार फिर जिंदा कर दिया है। फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें किसी की जान नहीं गई। वर्ष 2010 में कूड़ाघाट से लापता शिखा की हत्या की जांच कर रही पुलिस को वह जिंदा मिली थी। पुलिस ने जब इसका खुलासा किया तो पता चला कि शिखा ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रची थी और सोनभद्र से एक नर्तकी को बुलाकर उसे शिखा ने अपने कपड़े पहनाकर हत्या कर दी थी। मुंह को तेजाब से जला दिया था और खुद प्रेमी के साथ चली गई थी। काजल वाली घटना में भी यही कोशिश की गई थी कि खुद को मृत साबित कर प्रेम विवाह कर दुनिया बसाई जाए।