कौआबाग रेलवे क्रासिंग (159 ए) पर अंडरपास बॉक्स पुशिंग तकनीक से बनेगा। इसके इस्तेमाल से जहां काम फटाफट होगा वहीं ट्रेनों के संचालन पर भी असर नहीं पड़ेगा। रेल प्रशासन ने 11.116 करोड़ का स्टीमेट तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अंडरपास को इसी वित्तीय वर्ष में बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
शहर की बड़ी आबादी की आवाजाही इस रेलवे क्रासिंग से है। अक्सर ट्रेनों के आवागमन और इंजन के शंटिंग के चलते क्रासिंग बंद रहती है और लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए रेल प्रशासन ने अंडरपास बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। वर्ष 2015-16 के बजट में 15.8 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।
रेल प्रशासन ने इसे बनाने के लिए बॉक्स पुशिंग तकनीक के इस्तेमाल का निर्णय लिया है। अंडरपास तक पहुंचने के लिए मोहद्दीपुर से आने वाले लोगों के लिए एक लिंक रोड भी बनेगी। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि अंडरपास बनाने के लिए जल्द ही टेंडर निकाला जाएगा। सर्वे कर डिजाइन तैयार कर ली गई है।
छोटे वाहन ही गुजर सकेंगे
कौआबाग अंडरपास से छोटे चार पहिया वाहन ही गुजर सकेंगे क्योंकि ऊंचाई 3.6 मीटर और चौड़ाई 6 मीटर होगी। अंडरपास की लंबाई 57 मीटर होगी।
क्या है बॉक्स पुशिंग तकनीक
इस तकनीकी के तहत स्टील फ्रेम के दो बड़े बॉक्स को रेलवे लाइन की जमीन में गाड़ा जाएगा। बॉक्स की मिट्टी निकालकर अंडरपास बनाने का काम शुरू होगा। इसके बाद बॉक्स आगे बढ़ाते जाएंगे और अंडरपास बनता जाएगा। सपोर्ट के लिए बगल में गार्डर भी लगाया जाएगा।