दो दिवसीय राज्य अंतर विश्वविद्यालय युवा महोत्सव बृहस्पतिवार को संपन्न हुआ। इसमें काशी विद्यापीठ सात स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन बना। अंबेडकर यूनिवर्सिटी को दूसरा, मेजबान गोरखपुर यूनिवर्सिटी को तीसरा स्थान हासिल हुआ। अंबेडकर यूनिवर्सिटी को पांच स्वर्ण, आठ रजत व एक कांस्य और गोरखपुर यूनिवर्सिटी को चार स्वर्ण, पांच रजत और छह कांस्य पदक हासिल हुए।
मुख्य अतिथि दूरदर्शन के केंद्र अभियंता राहुल सिंह ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ बनने की इच्छा जितनी बलवती होगी, सफलता उतनी ही तेजी से करीब आएगी। प्रतिस्पर्धा में पीछे रह गए प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि अगले लक्ष्य के लिए उन्हें जुट जाना चाहिए। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि कामयाबी के लिए जिंदगी में लक्ष्य को पहचानना जरूरी है। यदि लक्ष्य तय हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने दो दिन तक चले इस आयोजन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि इस दौरान 17 प्रतिस्पर्धाएं आयोजित हुईं। इसमें छह विश्वविद्यालयों के करीब दो सौ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विजेता प्रतिभागियों को कुलपति प्रो. अशोक कुमार और मुख्य अतिथि राहुल सिंह ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। समारोह के संचालन की जिम्मेदारी डॉ. सुषमा पांडेय ने निभाई।
जश्न के मूड में दिखे प्रतिभागी
महोत्सव के अंतिम दिन प्रतिभागी जश्न के मूड में थे। एक तरफ संवाद भवन और ललित कला भवन में प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही थीं तो दूसरी ओर दीक्षा भवन में सुर-संगीत की तान छिड़ी थी। सभी अपनी प्रतिभा से विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों को लुभाने में जुटे थे। दीक्षा भवन में आयोजित समूह लोकनृत्य प्रतियोगिता ने इस जश्न को और भड़कीला बना दिया। फाग गीतों में फूलों की होली ने माहौल में होली का रंग घोल दिया। प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों को झूमने पर मजबूर कर दिया। आलम यह था कि हर प्रस्तुति के बाद वन्स मोर-वन्स मोर की आवाज से हाल गूंज रहा था। लोकगीत के बाद तो जैसे प्रस्तुतियों की झड़ी लग गई।
सजना जी वारी-वारी जाऊं मैं... गीत से गोरखपुर यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने समां बांध दिया। गीत का साथ विद्यार्थियों ने तालियों के साथ किया। मौज-मस्ती का यह दौर तब तक चलता रहा, जब तक पुरस्कार वितरण की घड़ी नहीं आ गई। उधर बृहस्पतिवार को ललित कला विभाग में कोलाज, काटॅून और इन्स्टॉलेशन की प्रतियोगिता आयोजित हुई तो संवाद भवन में एकल गायन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। दीक्षा भवन में मूक अभिनय प्रतियोगिता भी आयोजित हुई।
सम्मानित हुए फोटो प्रदर्शनी के छायाकार
गोरखपुर। युवा महोत्सव के समापन समारोह में उन छायाकारों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने दीक्षांत समारोह सप्ताह के दौरान आयोजित फोटो प्रदर्शनी यूनिवर्सिटी : मूड्स व शेड्स में हिस्सा लिया था। सम्मानित होने वाले छायाकारों में राजेश कुमार, राजीव केतन, संगम दुबे, शैलेंद्र शुक्ला, चंदन निषाद, अशोक कुमार, राजू सैनी, फिरोजुल हक, संदीप श्रीवास्तव, नैना सिंह, दीपक मिश्रा आदि शामिल रहे।
‘लोगो’ विजेता भी हुए सम्मानित
यूनिवर्सिटी की ओर से दीक्षांत के ‘लोगो’ को लेकर आयोजित हुई प्रतियोगिता के विजेता भी सम्मानित किए गए। तीन हजार रुपये का पहला पुरस्कार दीक्षांत का लोगो बनाने वाली मंशा को मिला। दूसरे स्थान पर सुरेंद्र प्रजापति को दो हजार और तीसरे स्थान पर रहे विकास कुमार को एक हजार का पुरस्कार और मेडल मिला। नवाज अहमद, कीर्ति वर्मा, शिवानंद राय, स्मृति जायसवाल, अजय कुमार, मधुरलता विश्वकर्मा, संजीव कुमार को सांत्वना पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। इस दौरान रोवर्स-रेंजर्स के माध्यम से जापान गए प्रतिभागी अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को भी सम्मानित किया गया।