सराफा व्यापारियों से लूट, हत्या और छिनैती की बढ़ती घटनाओं से नाराज गोरखपुर के सराफा कारोबारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। ज्यादातर व्यापारियों ने दुकानें बंद करके विरोध जताया। सड़क पर उतरकर नारेबाजी भी की, फिर जुलूस की शक्ल में एसएसपी आरपी पांडेय से मिलने पहुंचे और ज्ञापन देकर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने की मांग की।
यूपी के कई जिलों में व्यापारियों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में घी, तेल के थोक व्यापारी चंद्र प्रकाश टिबड़ेवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपराधियों ने मथुरा में दुस्साहसिक घटना को अंजाम दिया। कुछ दिन पहले दो सराफा व्यापारियों की गोली मारकर हत्या कर दी और सोना लूटकर फरार हो गए। इन घटनाओं से व्यापारी डरे हुए हैं। खुद और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इसका असर शुक्रवार को गोरखपुर में भी देखने को मिला। एकजुट सराफा व्यापारी सड़क पर उतर आए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हिंदी बाजार, आर्य नगर, गोलघर के सराफा कारोबारियों ने दुकानें बंद रखीं। उर्दू बाजार में इकट्ठा होने के बाद सराफा कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से मिलने उनके दफ्तर पहुंचा और ज्ञापन देकर शहर के सराफा कारोबारियों को सुरक्षा देने की मांग की।
कहा कि गोरखपुर समेत पूरे प्रदेश में सराफा व्यापारी खुद को असुरक्षित मान रहे हैं। मथुरा, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, शाहजहांपुर, सहारनपुर, मेरठ, बस्ती आदि शहरों में व्यापारियों को लूटा गया। कई हत्याएं भी हुईं। इन घटनाओं से व्यापारियों का शासन और प्रशासन से विश्वास उठता जा रहा है। मांग की गई कि हिंदी बाजार, घंटाघर, अलीनगर, असुरन पर विशेष पुलिस पिकेट लगाई जाए। साथ ही हिंदी बाजार में सब्जी मंडी के अतिक्रमण हटाए जाएं। यह बंदी यूपी सराफा एसोसिएशन की पहल पर की गई थी।
एसएसपी से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में सराफा मंडल के अध्यक्ष शरद चंद अग्रहरी, पुष्पदंत जैन, अतुल सर्राफ, मदन वर्मा, दिनेश सर्राफ, रामनाथ सर्राफ, राकेश वर्मा, महेश वर्मा, अनिल बरनवाल, रमेश अग्रहरी, राजीव सिंह, अभिनव वर्मा, विश्वनाथ सर्राफ, आनंद जैन, रमेश सर्राफ, गणेश वर्मा, सतीश बनरवाल, रामनंद वर्मा आदि शामिल रहे।
कानून व्यवस्था फेल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों को प्रदेश छोड़ देने की चेतावनी दी थी, लेकिन सराफा व्यापारियों से लगातार हो रही लूट, हत्या से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सीएम के शहर के होने के बावजूद हम सब डरे हुए हैं।
-शरद चंद अग्रहरी, अध्यक्ष, सराफा मंडल
अपराधियों पर लगे अंकुश
पहले सराफा व्यापारियों से सिर्फ लूट होती थी, लेकिन अब लूट के साथ मर्डर सुनियोजित लगती है। अगर अराजकतत्व इस मंशा से अपराध को अंजाम दे रहे हैं तो सरकार को इन अपराधियों पर नकेल कसनी चाहिए।
- पुष्पदंत जैन, सराफा कारोबारी
बेनकाब हो साजिश
योगी सरकार से हमें काफी अपेक्षाएं और उम्मीद हैं। अभी जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, प्रतीत हो रहा है कि अराजक और आपराधिक तत्व साजिश के तहत सरकार को चुनौती दे रहे हैं। सरकार को जल्द इन पर काबू पाना चाहिए।
- अतुल सर्राफ, निदेशक, हरि प्रसाद गोपी कृष्ण सर्राफ
मन में समाया रहता है डर
सराफा व्यवसायियों से लगातार हो रही घटनाओं से मन में काफी डर बैठ गया है। शाम को ग्राहकों की भीड़ के बावजूद मन में डर समाया रहता है। अब तो शाम सात बजे ही दुकान के मुख्य गेट पर ताला लगा दे रहे हैं।
- मदन वर्मा, उपाध्यक्ष, सराफा मंडल
पीड़ा की अभिव्यक्ति है बंद
यह बंद हमारी पीड़ा की अभिव्यक्ति है। सराफा व्यापारी अपराधियों के विशेष निशाने पर हैं। लूट के बाद कई की जानें ले ली गईं। ऐसे में बताइए हम कैसे बेफिक्र रहें। योगी जी से मांग है कि हमारी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करें।
- महेश वर्मा, मंत्री, सराफा मंडल
अपराधियों पर हो सख्त कार्रवाई
पूरे प्रदेश में सर्राफा व्यापारियों से जिस ढंग से लूट और हत्या जैसी घटनाएं हो रही हैं। इससे सभी सराफा व्यापारी डरे हुए हैं। योगी जी हमें इस डर से मुक्ति दिलाएं। अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
- राकेश वर्मा, सराफा व्यवसायी
स्वर्णकार कारीगरों ने बंदी का किया विरोध
स्वर्णकार कारीगरों ने सराफा व्यापारियों के बंद का विरोध किया है। इस दौरान उन्होंने अपनी दुकानें खुली रखीं। रामलीला मैदान हांसूपुर स्थित संस्था के अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा के निवास पर हुई बैठक में मथुरा में सराफा कारोबारियों के साथ हुई घटना पर शोक जताया गया और दो मिनट का मौन रखकर घटना में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। साथ ही सरकार से अपराधियों को जल्द पकड़कर घटना का पर्दाफाश करने की मांग की गई। वहीं सराफा व्यापारियों द्वारा स्वर्णकार कारीगरों की अनदेखी का विरोध किया गया। कहा गया कि जब-जब जरूरत पड़ती है स्वर्णकार कारीगर, सर्राफा व्यवसायियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ देते हैं, लेकिन स्वर्ण व्यवसायी, स्वर्णकार कारीगरों को उनके हालात पर छोड़ देते हैं। इसलिए स्वर्णकार कारीगरों ने इस बंद का विरोध करने का फैसला किया। इस मौके पर राकेश कुमार वर्मा, त्रिभुवन वर्मा, सुनील वर्मा, शिवकुमार साहनी, सुशील जायसवाल, विद्यानंद, संतोष वर्मा, शिवकुमार आदि मौजूद थे।