जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक जनसेवा केंद्र खुलेगा। जनसेवा केंद्र खुलने से लोगों को गांवों में सुविधाएं मिलने लगेंगी। लोगों को जाति, आय प्रमाणपत्र, खतौनी आदि के लिए तहसीलों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। जनता को जल्द से जल्द सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने जिले के 1354 ग्राम पंचायतों में जनसेवा केंद्र खोलने का 31 दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया है।
शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में डिस्ट्रिक्ट ई -गवर्नेंस सोसायटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सीएमएस प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पहले अपना एक कार्यालय स्थापित करें। जनसेवा केंद्र खोलने के इच्छुक व्यक्ति से मिल कर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि अब तक 1354 के सापेक्ष 718 जनसेवा केंद्र खोले गए हैं। जनसेवा केंद्रों के प्रभारियों को प्रशिक्षण दें। प्रशिक्षण की तिथि व स्थान से भी अवगत कराए, जिससे प्रशिक्षण का निरीक्षण कराया जा सके। उन्होंने ई -डिस्ट्रिक्ट मैनेजर की नियुक्ति के लिए जिलाधिकारी से बात कर कार्रवाई करने की बात कही।
उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित जन सुविधा केंद्र का 17500 प्रतिमाह किराया व विद्युत बिल का भुगतान अगस्त 2013 से अभी तक नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। किराया व बकाए बिल की अदायगी न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन लवकुश त्रिपाठी, मुख्य कोषाधिकारी अजय कुमार सोनकर, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी रेखा, एसडीएम अरुण कुमार सिंह व गौरव श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।