आकाशवाणी के गोरखपुर केंद्र में फैली कथित अराजकता की शिकायत महानिदेशालय तक पहुंच चुकी है। लगातार मिल रही धांधली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महानिदेशालय ने जांच के लिए आकाशवाणी केंद्र रामपुर के निदेशक सरबत उस्मानी को गोरखपुर भेजा है। उन्होंने मंगलवार को शिकायतों की जांच शुरू कर दी। अचानक शुरू हुई इस जांच से अफसरों में हड़कंप की स्थिति रही। निदेशक जांच के सिलसिले में बृहस्पतिवार तक शहर में रहेंगे।
केंद्र निदेशक उम्मानी ने मंगलवार को शुरुआती जांच के बाद बुधवार को उन शिकायतकर्ताओं को केंद्र पर बुलवाया, जिनकी शिकायत पर उन्हें जांच के लिए गोरखपुर भेजा गया है। उन्होंने शिकायतकर्ताओं का बारी-बारी से बयान दर्ज किया। इस दौरान आकाशवाणी के वे अफसर पर भी बुलाए जाते रहे, जिनके खिलाफ शिकायत की गई थी।
हालांकि आकाशवाणी के अफसर जांच के बिंदुओं पर चर्चा से कतराते नजर आए लेकिन दिन भर जांच प्रक्रिया में जो शिकायतें सामने आईं, उनमें कार्यक्रम के लिए वार्ताकारों के चयन में धांधली, कार्यक्रम प्रमुख द्वारा बिना यात्रा किए यात्रा भत्ता लिया जाना, सरकारी धन का दुरुपयोग, समय से कार्यालय में न तो आना और न ही जाना, जैसे दर्जन भर मामले शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक शिकायतों के सिलसिले में गोरखपुर केंद्र से कई बार जवाब मांगा गया लेकिन केंद्र ने ज्यादातर मामलों में आए महानिदेशालय के पत्रों की अनदेखी कर दी, जिसके चलते महानिदेशालय को अपना प्रतिनिधि भेजना पड़ा।
अर्से बाद हुई बैठक
गोरखपुर। सभी आकाशवाणी केंद्रों पर हर सुबह साढ़े 10 बजे बैठक कर पिछले दिन के कार्यक्रम की समीक्षा और वर्तमान दिन की कार्यक्रम की योजना पर चर्चा का प्रावधान है, लेकिन आकाशवाणी के गोरखपुर केंद्र के लिए यह प्रावधान बीते दिनों की बात हो गई है। बैठक तो दूर यहां के अधिकारी इसकी चर्चा से भी कतराते रहे, लेकिन बुधवार को यही अधिकारी बैठक को लेकर मुस्तैद दिखे। अर्से बाद मीटिंग भी हुई और कार्यक्रमों की समीक्षा भी।