मां दुर्गा, भगवान विष्णु, भगवान शंकर, राधा-कृष्ण, गौतम बुद्ध और राम की जिन प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं और पुरातत्व महत्व के जानकरों के दर्शन के लिए उपलब्ध होना चाहिए, वे तस्करों के हाथों से होते हुए सरकारी मालखाने में ‘कैद’ हैं। पिछले 10 सालों में पुलिस व अन्य छापामार दलों ने अलग-अलग स्थानों से 133 देवी-देवताओं की बेशकीमती मूर्तियां पकड़ी थीं। इनमें थाईलैंड, वर्मा, श्रीलंका समेत कई देशों की प्राचीनतम प्रतिमाएं भी हैं। पुरातात्विक धरोहर मानने के साथ इनकी कीमत करीब 400 करोड़ आंकी गई है।
जानकार बताते हैं कि मालखानों में डंप श्रीराम, भगवान बुद्ध, मां दुर्गा, भगवान विष्णु, भगवान शंकर, राधा-कृष्ण की मूर्तियां अलग-अगल वंश और काल की हैं। दुर्लभ हो चुकी इन मूर्तियों में कुछ ऐसी हैं जो दूसरे देशों के उन मंदिरों से चुराई गई हैं जिनकी बड़ी मान्यता है। इन मूर्तियों में करीब 20 फीसदी मामले में अदालत का फैसला भी आ चुका है। इनके संरक्षण को लेकर इंटक (इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज) ने पहल शुरू की है। इस संस्था के साथ जुड़कर सहयोग कर रहे समाजसेवी पीके लाहिरी ने बताया कि इंटक ने ऐसी धरोहरों को मालखाने से निकालकर बौद्ध संग्रहालय में रखने को कोशिश शुरू की है। 133 मूर्तियों को पूरा ब्योरा सांस्कृतिक मंत्रालय को भेजा गया है।
11 जिलों से बरामद हुई हैं मूर्तियां
गोरखपुर। जोन के 11 जिलों के 63 पुलिस थानों के मालखानों में 133 मूर्तियां हैं। इन्हें पुलिस ने वर्ष 2000 से 2017 के बीच बरामद किया है। जोन के गोरखपुर में 18, देवरिया में 13, कुशीनगर में 16, महराजगंज में 10, बस्ती में 5, संतकबीरनगर में 2, सिद्धार्थनगर में 10, गोंडा में 14, बलरामपुर में 19, बहराइच में 19 व श्रावस्ती में 7 मूर्तियां विभिन्न थानों के मालखाने में पड़ी हैं। वहीं गोरखपुर के 5 थानों के मालखानों में करीब 18 मूर्तियां हैं। कोतवाली में 4, चिलुआताल में 3, बड़हलगंज में 7, झंगहा में 2 और कैंपियरगंज में 2 मूर्तियां हैं।
टॉप टेन मूर्तियों की सूची
स्थान मूर्ति अनुमानित कीमत
बहराइच दुर्गा व विष्णु 40 करोड़
लोटन, सिद्धार्थनगर भगवान बुद्ध 10 करोड़
कोल्हई महराजगंज भगवान बुद्ध 10 करोड़
बहराइच राधा-कृष्ण 9 करोड़
उसका बाजार, महरागजगंज भगवान बुद्ध 7 करोड़
पटहेरवा, कुशीनगर भगवान विष्णु 6.5 करोड़
इटवा, सिद्घार्थनगर भगवान शंकर 3 करोड़
बड़हलगंज लक्ष्मी 2 करोड़
झंगहा भगवान राम 1.5 करोड़
निचलौल, महराजगंज भगवान बुद्ध 1.25 करोड़