प्याज निर्यात पर रोक के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर सोनौली और पगडंडियों से प्याज जाती रही। आलू के कागजात पर प्याज की तस्करी के खुलासे ने कस्टम विभाग की कार्यप्रणाली को भी संदेह के घेरे में ला दिया है।
क्या सचमुच कस्टम विभाग इससे अन्जान था? इस सवाल का जवाब तलाशने में राजस्व खुफिया निदेशालय के लखनऊ की टीम जुट गई है। जिसके लिए सितंबर माह से अभी तक खरीद बिक्री के सभी कागजातों के साथ सोनौली के सात व्यापारियों को इसी माह तक लखनऊ डीआरआई दफ्तर में प्रस्तुत होने के नोटिस जारी हुआ है। नोटिस के बाद सरहद पर कच्चे माल के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। डीआरआई ने सोनौली कस्टम कार्यालय से सभी एक्सपोर्टर के डिटेल लेना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार सुबह नौतनवा कस्बे से हिरासत में लिए गए व्यापारी सन्नी मद्धेशिया से डीआरआई टीम लखनऊ की टीम पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि राजस्व खुफिया निदेशालय की टीम की इस कार्रवाई से स्थानीय कस्टम अनजान रहा। उक्त व्यापारी ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। मामले में ठूठीबारी कस्टम के कुछ अधिकारियों से भी पूछताछ चल रही है।
3600 क्विंटल प्याज सीधे कस्टम कार्यालय के सामने से चली गई और नेपाल कस्टम ने उसी ट्रकों में प्याज को पास किया है। इस सबकी जांच के बाद ही डीआरआई ने व्यापारी को उठाया है। सन्नी से पूछताछ के बाद सोनौली कस्बे के ही सात कारोबारियों को डीआरआई लखनऊ और गोरखपुर की टीम ने नोटिस जारी कर सितम्बर महीने से अभी तक के खरीद बिक्री की सभी जानकारियों से लखनऊ तलब किया है।
इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर नौतनवां शशांक कुमार ने बताया कि डीआरआई टीम अपना काम कर रही है। सीमा पर स्थानीय अधिकारियों को जांच करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।