पुलिस के साथ जिला प्रशासन ने सोमवार को एयरफोर्स एरिया में बनाए गए अवैध मकानों को तोड़ दिया। कोर्ट के निर्देश पर एक साल से रजही गांव में कब्जा खाली कराने की कवायद चल रही थी। जिला प्रशासन का सहयोग न मिल पाने से इस पर कोई कदम नहीं उठाया जा सका था। तीन दिन पहले एयरफोेर्स के अफसरों ने अतिक्रमण हटाने की जानकारी देने के साथ ही गांव में नोटिस चस्पा कर दी थी।
सिटी मजिस्ट्रेट लवकुश सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे कैंट, शाहपुर, खोराबार एसओ के साथ रजही गांव पहुंचे। एयरफोर्स के अफसरों और जवान यहां पहले से ही मौजूद थे। हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशासन ने जेसीबी मशीन से एयरफोर्स की जमीन में कब्जा कर मकान बनाने वाले लोगों का घर गिरा दिया। दो घंटे तक चले अभियान में कुल 33 लोगों से जमीन खाली कराया गया। इस दौरान कब्जाधारियों से अधिकारियों की तीखी बहस भी हुई। लेकिन कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई करने और मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी देने पर लोग शांत हो गए। एसपी (सिटी) हेमंत कुटियाल ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर एयरफोर्स एरिया से अतिक्रमण खाली कराया गया है।
फुटपॉथ पर आ गया परिवार
रजही गांव में 25 साल से अधिक समय से रह रहे 33 परिवार के लोग कार्रवाई के बाद से सड़क पर आ गए हैं। लोग मकान तोड़कर कब्जा खाली कराए जाने की कार्रवाई को गलत बताते हुए गुजारे के लिए जगह देने की मांग कर रहे हैं। गांव के हरिशंकर, छब्बू, रामकृपाल निषाद, मिठाईलाल और अक्षयबर का कहना है कि पूरा जीवन यहीं बिता दिया। अब हमसे जमीन छीन ली गई। परिवार के साथ गुजारा कहां करे, इसकी चिंता सता रही है। प्रशासन कोई मदद नहीं कर रहा है।