पुलिस लाइन में क्राइम की समीक्षा बैठक करते आईजी मोहित अग्रवाल।
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आईजी ने बृहस्पतिवार की शाम पुलिस लाइंस में क्राइम मीटिंग में फरियादी, महिलाओं, बच्चों से अच्छा व्यवहार करने की नसीहत दी और समाधान दिवस, थाना दिवस पर आने वाले मामले को हर हाल में सात दिन के भीतर निपटाने का निर्देश दिया।
शाम चार बजे शुरू हुई बैठक में आईजी मोहित अग्रवाल ने ने सर्किलवार कानून-व्यवस्था की जानकारी लेने के बाद लंबित विवेचनाओं का जल्द निपटाते हुए पुलिसकर्मियों से अपना आचरण ठीक रखने को कहा। चिलुआताल में महिला से दुर्व्यवहार, गोरखनाथ में चालक की पिटाई के बाद कार का शीशा तोड़ने और गजपुर में युवक की पिटाई के अलावा कैंट में हुई घटना का उदाहरण देते हुए भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न करने की नसीहत दी।
उन्होंने अधिकारियों, सीओ और थानेदारों को सुबह 10 से लेकर दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में बैठने की हिदायत दी। संभव होने पर दो बजे तक कार्यालय में मौजूद रहने को कहा। रात में सीयूजी पर आने वाले हर फोन को रिसीव करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि थानेदार अगर व्यस्त हों तो अपने मातहत को सीयूजी नंबर देकर काम करें। बीट आरक्षियों को विजिटिंग कार्ड बनवाकर उनके संबंधित गांव व मोहल्ले में कम से कम दस सभ्रांत लोगों को देने, रमजान को ध्यान में रखते हुए पुलिस कर्मियों को क्षेत्र में लगातार गश्त करने का भी आदेश दिया।
बैठक में डीआइजी शिव सागर सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर हेमराज मीणा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ब्रजेश सिंह, एसपी क्राइम, एसपी ट्रैफिक सभी सीओ, थानेदार और क्राइम ब्रांच के दरोगा मौजूद रहे।