बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अब कैंसर मरीजों की निगरानी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) करेगी। इसके लिए बीआरडी के कैंसर विभाग में हॉस्पिटल बेस्ड कैंसर रजिस्ट्रीज डाटा मैनेजमेंट साफ्टवेयर का इस्तेमाल होगा। आईसीएमआर की शाखा नेशनल सेंटर फार डिजीज इंफॉर्मेेटिक्स एंड रिसर्च और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बीच मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) साइन हो चुका है।
पूर्व प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के कैंसर विभाग में आईसीएमआर की ओर से हॉस्पिटल बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री डाटा मैनेजमेंट साफ्टवेयर शुरू होने से पूर्वांचल में कैंसर मरीजों को इससे काफी लाभ मिलेगा। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस तरह का कैंसर पूर्वांचल में ज्यादा है। इस पर किसी विशेष खानपान या जीवनशैली का कितना प्रभाव है। आईसीएमआर साफ्टवेयर के जरिए जुटाए गए डाटा का विश्लेषण कर केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को रिपोर्ट भेजेगा। इससे बजट के समय पूर्वांचल के कैंसर रोगियों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जा सकेंगी।
प्रदेश से इकलौते बीआरडी मेडिकल कॉलेज का चयन
आईसीएमआर ने हॉस्पिटल बेस्ड कैंसर रजिस्ट्रीज डाटा मैनेजमेंट साफ्टवेयर के लिए प्रदेश में बीआरडी मेडिकल कॉलेज को ही चुना है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज इस योजना में चुना जाने वाला इकलौता राजकीय मेडिकल कॉलेज बन गया है।
सोशल वर्कर और डाटा इंट्री ऑपरेटर की होगी नियुक्ति
इस योजना के तहत सोशल वर्कर और डाटा इंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति होगी। इनको वेतन और संसाधन आईसीएमआर की ओर से दिया जाएगा। आईसीएमआर ने इसके लिए सालाना 738000 रुपये का बजट तय किया है।