पिछले वर्ष अप्रैल से ही नगर निगम की विज्ञापन नियमावली लागू हो चुकी है। इन नियमों मे कई ऐसे इलाके बनाए गए हैं, जिन्हें होर्डिंग मुक्त क्षेत्र रखा गया है। ऐसे स्थानों पर होर्डिंग लगाने पर 5000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद शहर के बहुत से इलाकों में विभिन्न एजेंसियों की ओर से लगाए होर्डिंग्स नियमावली का मखौल उड़ा रहे हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने पिछले वर्ष अपनी विज्ञापन नियमावली तैयार की। कार्यकारिणी और बोर्ड से मंजूरी के बाद पिछले वर्ष ही इसे लागू कर दिया गया। इसके अनुसार किसी भी चौराहे के 50 फीट के दायरे में होर्डिंग लगाने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद तमाम इलाकों के चौराहे होर्डिंग्स से अटे पड़े हैं। इन्हें हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम के अलावा विज्ञापन एजेंसियों की है, लेकिन नियमावली को धता बता जिसको देखो उसने ही चौराहे पर होर्डिंग तान दिया है और निगम हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है।
नगर निगम शहर में लगे सभी होर्डिंग्स का सर्वे करा रहा है। इसमें अवैध ढंग से लगे हुए होर्डिंग भी चिह्नित हो जाएंगे। इसके बाद न सिर्फ उन होर्डिंग्स को हटा दिया जाएगा बल्कि नियमावली के अनुसार जुर्माना भी वसूला जाएगा।
- बृजेश सिंह, प्रभारी अधिकारी विज्ञापन
प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित हैं ये स्थान
- निजी भूमि भवन एवं सार्वजनिक स्थल
- गोरखनाथ मंदिर के आसपास, विश्वविद्यालय रोड, आरटीओ तिराहे से विश्वविद्यालय गेट तक, सर्किट हाउस रोड
होर्डिंग एवं यूनिपोल के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र
- शहर के समस्त मुख्य चौराहे एवं इनके चारों ओर 20 मीटर तक
- जिलाधिकारी आवास, आयुक्त आवास और कार्यालय आयुक्त एवं कार्यालय नगर निगम परिसर
- राष्ट्रीय राजमार्ग/ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के स्वामित्व वाले मार्ग
- नगर आयुक्त वीवीआईपी मूवमेंट, यातायात एवं सुरक्षा की दृष्टि से भविष्य में ओवरब्रिज के लिए निर्धारित रूट पर पिलर के निर्माण को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रचार के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किए जाने के लिए अधिकृत होंगे।
अवैध होर्डिंग पर 5000 रुपये तक का जुर्माना
नियमावली में अवैध होर्डिंग लगाने पर पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। उल्लंघन की दशा में प्रत्येक दिन के हिसाब से 500 रुपये की वसूली होगी। इसके साथ ही अवैध विज्ञापन पट्ट को साफ करने के लिए दो हजार रुपये और निजी भवन (छत पर) से विज्ञापन हटाने के लिए 10 हजार रुपये तक देने होंगे।