गोरखपुर। सोमवार को शहर में मौजूदगी के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह जहां हरियाणा के जाट आंदोलन पर कुछ नहीं बोले वहीं जेएनयू प्रकरण पर भी खामोशी बरती। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के 34वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए राजनाथ सिंह ने विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार का महत्व समझाते हुए आतंकवाद का जिक्र जरूर किया। नसीहत देने के लहजे में कहा कि इन्फॉर्मेशन टेक्नालॉजी और आतंकवाद का कालखंड एक ही है। फर्क सिर्फ इतना है कि जहां इन्फॉर्मेशन टेक्नालॉजी सृजनात्मक है, वहीं आतंकवाद का स्वरूप विध्वंसात्मक।
विद्यार्थियों से सृजन की अपेक्षा करते हुए कहा कि शिक्षा अगर ज्ञान के लिए है तो दीक्षांत संस्कार के लिए। कहा कि युवाओं को देश के गौरवशाली अतीत रखना चाहिए, जबकि भारत को विश्व गुरु का दर्जा था। शिकागो धर्म सम्मेलन में एक विदेशी ने जब स्वामी विवेकानंद की वेषभूषा पर सवाल उठाया तो उन्होंने जवाब दिया था कि आपके देश में दर्जी व्यक्तित्व बनाता है जबकि हमारे भारतवासी के व्यक्तित्व निर्माण में चरित्र की भूमिका मुख्य होती है।
डिग्री लेने के बाद कॅरियर की दिशा में कदम बढ़ा रहे युवाओं से अपेक्षा की कि देश को विश्व गुरु का दर्जा दिलाने में योगदान दें। कहा कि शोपेन हॉवर के उस कथन को पढ़ें, जिसमें उन्होंने कहा था कि मनुष्य की बुद्धिमत्ता की पराकाष्ठा देखनी है तो भारत जाकर देखें। फ्रांस की क्रांति के दौरान के वाल्टेयर के उस संवाद को याद करें, जिसमें उन्होंने विश्व का सारा ज्ञान गंगा किनारे मौजूद होने की बात कही थी। दीनदयाल उपाध्याय की चर्चा करते हुए कहा कि उनका दर्शन समझें, जिसमें सुख के सही मायने बताए गए हैं।
राजनाथ ने किया देशी पोशाक के लिए पहला सत्याग्रह : राज्यपाल
गोरखपुर। दीक्षांत समारोह में अंग्रेजी तौर की परंपराओं को बदलकर देशज मान्यताओं को तरजीह दिला रहे राज्यपाल राम नाईक ने जब गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल विद्यार्थियों के बीच गाउन की जगह उत्तरीय का चलन देखा तो अपनी बात पहनावे से ही शुरू की। विद्यार्थियों को बताया कि पढ़ाई के दौरान राजनाथ सिंह ने उस दौर में दीक्षांत में देसी पोशाक के लिए सत्याग्रह किया था।
इसके लिए उन्होंने कुलपति प्रो. अशोक कुमार को बधाई दी। यूनिवर्सिटी के शैक्षिक कैलेंडर को पटरी पर लाने की कोशिश की भी प्रशंसा की। डिग्री हासिल करने वाले युवाओं से आह्वान किया कि कॅरियर के खुले आसमान में दाखिल होकर सफलता की उड़ान पूरी करें। गोरखपुर यूनिवर्सिटी को विश्व की श्रेष्ठ यूनिवर्सिटी में शामिल कराने के लिए विद्यार्थी और शिक्षक योगदान दें। कहा कि अभी तक विश्व की 200 सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटियों में प्रदेश की कोई भी यूनिवर्सिटी शामिल नहीं है।
शिक्षकों का सम्मान कर भावुक हुए गृह मंत्री
गोरखपुर। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी के अपने विद्यार्थी जीवन को भी याद किया। इस चर्चा में भावुक हुए गृह मंत्री ने अपने दो गुरु प्रो. रामअचल और प्रो. एलएन त्रिपाठी को मंच पर बुलाकर चरण स्पर्श किए। कहा कि उनकी नसीहतों ने हर चुनौती में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
प्रो. रामअचल सिंह ने राजनाथ सिंह की एमएससी की क्लास ली थीं, जबकि प्रो. त्रिपाठी उनके शोध सुपरवाइजर रहे हैं। हालांकि राजनीतिक कॅरियर संवारने में गृह मंत्री अपना शोध पूरा नहीं कर सके।