सीआरसी में तैयार होंगे दिव्यांगों के शिक्षक
एहतेशाम उद्दीन अहमद
गोरखपुर। समेेकित क्षेत्रीय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण केंद्र (सीआरसी) गोरखपुर में दिव्यांग बच्चों को शिक्षा देने वाले विशेष शिक्षक तैयार होंगे। भारतीय पुनर्वास शिक्षा परिषद ने सीआरसी में डिप्लोमा इन मल्टीपल डिसएबिलिटी कोर्स और सर्टिफिकेट कोर्स इन केयर कीपिंग चलाने की संस्तुति दी है। डिप्लोमा इन मल्टीपल डिसएबिलटी कोर्स उत्तर प्रदेश में पहली बार यहां सीआरसी में ही लांच होगा। सीआरसी की ओर से डिप्लोमा इन ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर कोर्स के लिए भी आवेदन किया गया है, अगले शैक्षणिक सत्र में इसे भी संस्तुति मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2009 में एक केस में सरकार को आदेश दिए थे कि दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए प्रत्येक विद्यालय में दो विशेष शिक्षक तैनात किए जाएं। दिव्यांग बच्चों की शारीरिक और मानसिक क्षमता सामान्य बच्चों से भिन्न होती है। उनके शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है। सीआरसी के निदेशक आरके पांडेय ने बताया कि जेई और एईएस पीड़ित अधिकतर बच्चों में बहु विकलांगता पाई जाती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में ऐसे बच्चों की तादाद अधिक है। इनको बेहतर शिक्षा और कौशल विकास के गुर सिखाने के लिए विशेष शिक्षकों की आवश्कता थी। सीआरसी में यह कोर्स चलाने के लिए भारतीय पुनर्वास शिक्षा परिषद में आवेदन किया गया था। एक माह पूर्व परिषद की टीम ने सीआरसी का निरीक्षण किया था। परिषद ने डिप्लोमा इन मल्टीपल डिसएबिलटी कोर्स को अनुमति दी है प्रदेश मेें यह कोर्स सीआरसी में लांच होगा। सर्टिफिकेट कोर्स इन केयर कीपिंग को भी अनुमति मिल गई है।
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डीएल एड के समकक्ष होगा डिप्लोमा
डिप्लोमा इन मल्टीपल डिसएबिलिटी कोर्स डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएल) के समकक्ष होगा। इस कोर्स के लिए कम से कम 50 प्रतिशत अंक के साथ बारहवीं पास करने वाले आवेदन कर सकते हैं। दो वर्ष के डिप्लोमा कोर्स करने वालों को स्कूलों में विशेष शिक्षक के तौर पर नियुक्ति पाने की संभावना होगी। एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स इन केयर कीपिंग के लिए कम से कम दसवीं कक्षा पास व्यक्ति आवेदन कर सकता है। इस कोर्स में दिव्यांग बच्चों की देखभाल और पालन पोषण की शिक्षा दी जाएगी। यह कोर्स विशेषकर उन अभिभावकों के लिए होगा जिनके बच्चे दिव्यांग हैं। सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले अन्य लोग दिव्यांग बच्चों की देखभाल के केंद्र का भी संचालन कर सकेंगे।
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भारतीय पुनर्वास शिक्षा परिषद ने डिप्लोमा इन मल्टीपल डिसएबिलिटी और सर्टिफिकेट कोर्स इन केयर कीपिंग कोर्स की संस्तुति दी है, हमने डिप्लोमा इन ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर कोर्स के लिए भी आवेदन किया है, उम्मीद है कि इसे भी अनुमति मिल जाएगी। प्रत्येक कोर्स में 25-25 सीटें हैं, जुलाई 2020 से शिक्षा सत्र की शुरूआत होगी।यह कोर्स शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और दिव्यांगों को शिक्षा देने और देखभाल करने वाले प्रशिक्षित लोग मिलेंगे।
आरके पांडेय, निदेशक सीआरसी गोरखपुर