पुलिस सूत्रों के मुताबिक अरविंद के परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा है, दूसरी शादी करने के साथ ही पहली पत्नी ने नाता तोड़ दिया था। हालांकि जबसे बेटा बड़ा हुआ है वह हक की लड़ाई लड़ने लगा था।
थाने में मची अफरा-तफरी, पुलिस भी उलझी
जिस कदर थाने में अरविंद यादव ने बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी, उसे लेकर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। जानकारी होते ही आला अफसर ने पूछताछ शुरू की तो पुलिस अलग-अलग बयान देने लगी। पहले पुलिस ने यह भी कहा था कि राइफल की सफाई के दौरान गोली लग गई जो बेटे को लगी और मौत हो गई लेकिन थोड़ी ही देर बाद एसएसपी के निर्देश पर पहुंचे सीओ ने जांच की तो मामला हत्या का पाया गया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में सिपाही को हिरासत में लेकर जांच पड़ताल की जा रही है
पहले भी हो चुकी है थाने में हत्या
80 से 90 के दशक में पहले भी थाने में हत्या हो चुकी है। तत्कालीन एसएसपी सीएल वसन के निर्देश पर तत्कालीन एसओ को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया था। बैंकाक से आये युवक की थाने में हत्या कर जेवरात ले लिए थे और शव को थाने के पीछे छिपा दिया गया था। इस घटना से लोगो की पुरानी याद ताजा हो गयी।