मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरखा विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के बाद भी उनके हौसले कम होते नहीं दिख रहे हैं। हर साल सैकड़ों के खिलाफ जुर्माना, माल जब्ती और कारावास तक की कार्रवाई भी बेअसर साबित हो रही है। शायद यही वजह है कि जहां पिछले सालों की तुलना में हर अगले साल जांच के लिए लिए जाने वाले नमूनों की संख्या बढ़ रही है और उसी अनुपात में उनमें मिलावट की पुष्टि भी पाई जा रही है। ज्यादातर नमूने अद्योमानक मिल रहे हैं वहीं कुछ नमूनों की जांच में मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व भी पाए जा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक अप्रैल 2016 से अब तक जहां 235 नमूने लिए गए वहीं 224 नमूनों की जांच रिपोर्ट भी प्राप्त हुई। इनमें आधे यानी 112 नमूने फेल मिले हैं। इनमें घी, मसाला, तेल, मिठाई, दूध, खोया तकरीबन सभी खाद्य पदार्थ शामिल हैं। यहीं नहीं, जांच रिपोर्ट में दो नमूने मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए। मसाले में जहां कीड़ा मिला वहीं आइस्क्रीम घोल में प्राकृतिक वसा की जगह वेजिटेबल ऑयल पाया गया। इन दोनों ही मामलों में विभाग ने संबंधित के खिलाफ एसीजीएम कोर्ट में वाद दाखिल कर दिया है। उधर, अप्रैल से लेकर अब तक न्याय निर्णायक अधिकारी/एडीएम सिटी कोर्ट में 112 वाद भी दाखिल किए गए। हालांकि करीब दो महीने से इस पद पर स्थायी तैनाती नहीं हो पाने से फैसलों में विलंब हुआ।
नवरात्र से फिर चलेगा अभियान
दशहरा के मद्देनजर नवरात्र से खाद्य सुरक्षा विभाग फिर सघन अभियान शुरू करेगा। इसे लेकर डीएम संध्या तिवारी ने भी निर्देश दिए। उन्होंने शुक्रवार को महक मे के अफसरों से कार्रवाई की जानकारी भी ली। विभाग का कहना है कि दशहरा में शुरू होने वाला अभियान दीपावली तक निरंतर चलता रहेगा।
लगातार हो रही है कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी अजीत कुमार और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार राय का कहना है कि हमारी टीम कभी सुस्त नहीं बैठती। विभाग निरंतर अपनी कार्रवाई जारी रखता है। त्यौहारों में थोड़ी सतर्कता और बढ़ा दी जाती है। सिर्फ अगस्त में ही 71 नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं, जबकि पांच माह के भीतर ही दो सौ से अधिक नमूने लिए गए हैं।