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एहतराम से मनाया गया हजरत कंकड़ शाह रह. का उर्स

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एहतराम से मनाया गया हजरत कंकड़ शाह रह. का उर्स
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गोरखपुर। अकीदतमंदों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र हजरत कंकड़ शाह बाबा रह. का सालाना उर्स शुक्रवार को अदब व एहतराम के साथ मनाया गया। दूर-दूर से आए अकीदतमंदों ने बाबा की मजार ए अकदस पर हाजिरी देकर गुलपोशी, इत्रपोशी और चादरपोशी की। बाबा के आस्ताने पर दुआ व मन्नतें मांगी और लंगर, शीरीनी हासिल की।
गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक हजरत कंकड़ शाह बाबा रह. का उर्स मुबारक शुक्रवार को भोर पहर गुस्ल की खिदमत के साथ हुआ। आस्ताने के खास खादिमों ने गुस्ल की खिदमत के बाद मजार ए पाक पर मेहंदी और इत्र के साथ चादर पेश की। फज्र (भोर पहर) की नमाज के बाद कलाम ए पाक की तिलावत के पाठ का दौर चला। कारी और हाफिजों ने कलाम फातिहा ख्वानी की और पैगंबर ए आजम नबी पाक की नज्र पेश करते हुए हजरत कंकड़ शाह रह. सहित सभी बुजुर्गाने दीन की नजर अदा की गई।
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सुबह 11 बजे रेलवे कॉलोनी निवासी मो. इस्माइल और जमींरुन्निसा के आवास से बाबा की गागर और चादर का जुलूस निकाला गया। जुलूस कव्वाली और सलातो सलाम के बीच अकीदत के साथ मोहद्दीपुर चौराहे से होता हुआ आस्ताना-ए-आलिया पहुंचा। यहां दरगाह हजरत निजामुद्दीन रह. के सज्जादानशीन मौलाना मो. हबीबुर्रहमान बरकाती की अगुवाई में मो. अकरम, मो. रफीक, नूर आलम, वाजिद अली, मो. समीर, मो. सिद्दीक और मो. शब्बीर ने आस्ताने पर चादरें पेश कीं।
चादरपोशी के बाद कुल शरीफ की फातिहा हुई और दुआए खैर की गई। हाफिज उमर, हाजी खुर्शीद, हाजी अली कबीर, हाजी मो. सलीम ने अमन और भाईचारा कायम रहने और मुल्क की तरक्की की दुआ की तो हजारों आमीन कुल की फातिहा के बाद जायरीनों को शीरीनी तक्सीम की गई। इस दौरान अकीदत मंदों का बाबा की मजार पर हाजिरी देने का सिलसिला जारी रहा।
चादर पेश करने वालों में महानगर समाजवादी पार्टी के आफताब अहमद, हाजी ताज, पार्षद मो. अफरोज, सोहराब अली, इजहार अहमद, अनवर सलीम, इकरार अहमद, मोहर्रम अली, मो. जफर, इजहार अहमद, फखरुद्दीन, नजमुद्दीन खान, शाहनवाज आलम, मो. ताहिर आदि प्रमुख रहे।
जश्न ईद मिलादुन्नबी में बुजुर्गों की शान बयान की
आस्ताने पर हजरत बिलाल रजि. की मस्जिद में इशा (रात्रि) की नमाज के बाद जश्न ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में हाफिज कारी नसीम उल्लाह ने कलाम-ए-पाक की तिलावत के साथ की। गुलाम मोहिउद्दीन, हाफिज तनवीर, इम्तियाज अहमद ने नबी पाक की शान में नात पेश की।
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मौलाना फैजुल्लाह ओर मुफ्ती मौलाना मसऊद अहमद मिस्बाही ने सूफी संतों की शान में बयान किया। महफिल की सदारत मस्जिदे बेलाल के इमाम मौलाना मो. महबूब आलम ने की जबकि निजामत मौलाना मकसूद ने किया। महफिल के बाद शीरीनी तक्सीम की गई।
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