... तो बच सकती थी जान
जिस समय आकाश को गोली मारी गई थी उस समय उसके साथ बाइक पर पीछे अंगद दोस्त भी मौजूद था। लेकिन आकाश को गोली लगने के बाद अंगद फरार हो गया था और हाथ में गोली का इलाज कराने के बाद भी पुलिस या फिर आकाश के घरवालों को उसने सूचना नहीं दी थी। मौके पर ही खून ज्यादा बह जाने की वजह से आकाश की मौत हो गई थी और मेडिकल कॉलज ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
सोच समझकर हत्या की धारा लगाई
पुलिस ने हत्या की धारा 302 के साथ ही सोच समझकर हत्या की धारा 201 भी लगाया है। इससे साफ है कि आकाश को गोली गुस्से में नहीं बल्कि सोच समझ कर मारा गया। ऐसे में पुलिस दुश्मनी को भी तलाश रही।
यह हुआ था
आकाश अपने दोस्त अंगद के साथ शनिवार की शाम बाइक से मेडिकल कॉलेज जा रहा था। रास्ते में चार पहिया वाहन को ओवरटेक करने के दौरान ही विवाद हो गया था। वाहन सवारों ने रोककर गाली दी थी जिस पर आकाश ने भी गाली दे दी थी। नाराज चार पहिया सवार बदमाशों ने पिस्टल से आकाश को गोली मारी दी थी। काफी देर तक वहीं पर पड़े रहने की वजह से उसकी मौत हो गई। रात में घरवालों ने जब उसके मोबाइल पर फोन किया तो उन्हें घटना की जानकारी हुई थी।