फर्जीवाड़ा: 300 लाइसेंस जारी होने की आशंका, 14 लोग रडार पर
गोरखपुर। फर्जी लाइसेंस पर असलहे खरीदने के मामलों की संख्या सैकड़ों तक पहुंच सकती है। एक मामला पकड़ में आने के बाद जांच शुरू हुई तो 34 ऐसे लाइसेंस जारी होने की संभावना जताई गई थी। यह संख्या अब बढ़कर 300 के करीब पहुंच गई है। लाइसेंस हासिल करने वाले ज्यादातर लोग हाई प्रोफाइल है इस वजह से पुलिस फूंक फूंककर कदम रख रही है। पुलिस के रडार पर 14 लोग हैं, जिनकी निगरानी की जा रही है।
फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सील किए गए रवि गन हाउस को पुलिस एक बार फिर खोल कर जांच कर सकती है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए दुकान से दस्तावेज हासिल किया जाना जरूरी है। कोशिश है कि आरोपियों की फोटो हासिल की जाए। डीएम दफ्तर से लाए गए दस्तावेजों की जांच में अब तक पुलिस को कुछ हासिल नहीं हो सका है।
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कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों की भूमिका भी जांचेगी पुलिस
पिछले दो सालों में कलेक्ट्रेट में असलहा लाइसेंस संबंधी काम देखने वाले कर्मचारियों के भूमिका की भी पुलिस जांच करेगी। इनसे पूछताछ की जा सकती है। दुकान से आने वाली सूचनाओं की जांच हुई या नहीं इसकी भी जांच होगी। किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो उस पर कार्रवाई संभव है।
पुलिस के साथ मेडिकल टीम भी लखनऊ जाएगी
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमें लगाई गईं है। गन हाउस के मालिक को हिरासत में लेने के लिए मेडिकल टीम के साथ पुलिस जल्द लखनऊ रवाना होगी। पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है लेकिन अभी तक तनवीर की ही गिरफ्तारी हो सकी है। मास्टर माइंड गोपीनाथ, विशाल और शिवम की सटीक लोकेशन अब भी पुलिस के पास नहीं है।
कोट
पूरे प्रकरण में कई बड़े नाम भी सामने आ रहे हैं। पुलिस को अब तक 14 ऐसे लोगों के नाम पता चले है जो रैकेट को संचालित कर रहे थे, उनकी तलाश में टीमें लगाई गई है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। - रोहन प्रमोद बोत्रे, एएसपी