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जीडीए के एक्सईएन, एई समेत सात अभियंताओं पर होगी कार्रवाई

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जीडीए के एक्सईएन, एई समेत सात अभियंताओं पर होगी कार्रवाई
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गोरखपुर। लोहिया एन्क्लेव (फेज एक) के घटिया निर्माण में गोरखपुर विकास प्राधिकरण के एक्सईएन, एई समेत सात अभियंताओं की गर्दन फंस गई है। सभी के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। प्राधिकरण के अध्यक्ष व कमिश्नर जयंत नर्लीकर ने सभी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को जांच रिपोर्ट समेत फाइल भेज दी है। मामला मुख्यमंत्री योगी के संज्ञान में होने की वजह से माना जा रहा है कि सभी अभियंताओं का नपना तय है। उधर, जीडीए ने निर्माण कराने वाली संबंधित फर्मों को भी चिह्नित कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। कमिश्नर ने कहा कि जो काम दोबारा कराने लायक होंगे, उन्हें फर्म से उनके खर्च पर कराया जाएगा। इसके अलावा कुछ फर्म को काली सूची में भी डाला जाएगा।
समय पर कब्जा नहीं देने और घटिया निर्माण को लेकर लोहिया एन्क्लेव के आवंटी लंबे समय से आंदोलनरत थे। इसे लेकर जीडीए की खूब फजीहत हो रही थी। मामला शासन से लेकर सदन तक में उठ चुका था। दो महीने पहले गोरखपुर के एनेक्सी में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने इसपर नाराजगी जताते हुए कमिश्नर जयंत नार्लीकर को पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। कमिश्नर ने जांच के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रथमेश कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इसमें लोनिवि और आरईएस के अभियंता भी शामिल थे। कमेटी की जांच रिपोर्ट में घटिया निर्माण की पुष्टि हुई है।
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2015 से 2018 के दौरान तैनात अभियंता नपेंगे
लोहिया एन्क्लेव का निर्माण 2015 में शुरू हुआ था। तब से 2018 के बीच तैनात एक्सईएन, एई और जेई को घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदारी ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है।
मुख्यमंत्री ने फिर जताई नाराजगी
गोरखपुर। गोरखपुर मंदिर में जनता दर्शन के दौरान गुरुवार को लोहिया एन्क्लेव की एक महिला आवंटी अर्चना राय ने शिकायत की तो मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कमिश्नर से पूछा कि जब उन्होंने कार्रवाई के लिए कह दिया था तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कमिश्नर ने बताया कि जांच रिपोर्ट आ गई है। उसके आधार पर संबंधित अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिख दिया गया है।
पहले देरी फिर लापरवाही में नहीं मिला कब्जा
प्राधिकरण के जिम्मेदारों की लापरवाही से पहले लोहिया के करीब साढ़े चार सौ आवंटियों को तय समय के दो साल बाद भी कब्जा नहीं मिल सका। किसी तरह निर्माण पूरा हुआ तो अब एनजीटी में मामला फंस गया। जीडीए अफसरों ने बिना एन्वायरमेंटल क्लीयरेंस के आवासों का निर्माण करा दिया। करीब छह महीने पहले वेट लैंड के मामले में एनजीटी ने पांच सौ मीटर के दायरे में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। इससे आवंटियों को कब्जा नहीं मिल पा रहा।
सात सितंबर को आमने-सामने हुई थी बैठक
कमिश्नर जयंत नार्लीकर की पहल पर सात सितंबर को पहली बार आवंटियों और जीडीए अफसरों की आमने-सामने सकारात्मक बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता खुद कमिश्नर ने की। आवंटियों की तरफ से अलग-अलग फ्लैट के एरिया का मामला उठाने पर उन्होंने जांच के लिए कमेटी गठित की थी। खुद आवंटियों को कुल फ्लैट का दस फीसदी यानी 50 फ्लैट चिह्ति कर बताने को कहा । इसकी जांच लोनिवि के अभियंता और जीडीए के मुख्य अभियंता करेंगे। इसी तरह आवंटियों ने आरोप लगाया था कि 2015 में जब लोहिया एन्क्लेव (फेज एक) योजना शुरू हुई तो उस समय सपा सरकार की तरफ से अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम (सस्ती आवासीय योजना) को लेकर 12 दिसंबर 2014 का शासनादेश लागू था। उसके मुताबिक 75 वर्ग मीटर तक के सभी आवासों की कीमत 15 से 30 लाख होगी जबकि उनसे 30 लाख रुपये से अधिक वसूले गए। कमिश्नर ने इस मामले में भी जांच के निर्देश दिए ।
दरवाजे-खिड़की, टाइल्स सब दुरुस्त कर कब्जा देगा जीडीए: कमिश्नर
कमिश्नर जयंत नार्लीकर ने बताया कि लोहिया आवंटियों की दो तरह की समस्याएं थी। कब्जा नहीं मिलने के मामले में एनजीटी में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी गई है। घटिया निर्माण मामले में जांच कराई गई। रिपोर्ट में गुणवत्ता खराब मिली जिसके आधार पर 2015 से 2018 तक तैनात सात अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिख दिया गया है। संबंधित फर्म पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि आवंटियों ने फ्लैट में घटिया दरवाजे, खिड़की और सेनेटरी की सामग्री लगाने का आरोप लगाया था जिसपर जीडीए को निर्देश दिया गया है कि वे सभी खामियां दुरुस्त करने का काम तत्काल शुरू करा दें ताकि एनजीटी से अनुमति मिलते ही उन्हें कब्जा दिलाया जा सके। बताया कि एक मुश्त रुपये जमा करने वाले आवंटियों से सर्विस टैक्स पर भी ब्याज लेने के मामले की भी जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
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कार्रवाई के लिए कमिश्नर की तरफ से शासन को पत्र लिखा गया है। जांच में जो गड़बड़ी मिली है उससे संबंधित अभियंता पर कार्रवाई होगी। अभी नाम की जानकारी नहीं हो पाई है।- ए. दिनेश कुमार, उपाध्यक्ष
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