गोरखपुर। एक से तीन फरवरी तक गोरक्षनाथ मंदिर देश भर के धर्माचार्यों का केंद्र बनेगा। सनातन हिंदू धर्म से संबंधित विषयों पर धर्माचार्य गहन विचार विमर्श करेंगे। दुनिया भर के हिंदू समाज को धार्मिक आध्यात्मिक दिशा देने के लिए भारतीय संत सभा की चिंतन बैठक 2 फरवरी को होगी। इसका उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह कार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल करेंगे।
यह जानकारी महंत आदित्यनाथ ने दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संत सभा की चिंतन बैठक हिंदू समाज को जागृत कर उसके भीतर राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव पैदा करेगी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन गोरक्षनाथ मंदिर के सेवाश्रम में11 बजे होगा। उन्होंने बताया कि चिंतन बैठक की तैयारी अंतिम चरण में है। जगह-जगह तोरण द्वार लगाए जा रहे हैं। विभिन्न संगठनों की तरफ से संतों-धर्माचार्यों के स्वागत में सभी प्रमुख मार्गों पर होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। 21 तोरणद्वार सभी हिंदू पंथों के आचार्यों के चित्रों से युक्त महानगर के गोरक्षनाथ मंदिर को आध्यात्मिक विचार की गंगोत्री का स्वरूप दिया जाएगा।
सम्मेलन में कार्यालय की व्यवस्था पीके मल्ल, शिवमूर्ति, एवं अवधेश सिंह देखेंगे। मीडिया की जिम्मेदारी कामेश्वर सिंह के संभालेंगे। कार्यक्रम में आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, विश्व हिंदू महासंघ, हिंदू युवा वाहिनी, हिंदू जागरण मंच, गोरक्षनाथ पूर्वांचल विकास मंच सहित अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता शामिल होंगे।