नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए राज्यपाल का निर्देश और गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन का लक्ष्य दोनों ही यूनिवर्सिटी की वार्षिक परीक्षाओं में तार-तार हो गए हैं। सचल दस्ते की टीम महाविद्यालयों में खुलेआम नकल की शिकायत कर रही है। आलम यह है कि कहीं केंद्र व्यवस्थापक अनुपस्थित मिल रहे हैं तो कहीं किराये पर कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगाकर नकल के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कई स्थानों पर इमला बोल कर नकल कराने की शिकायत भी मिली है।
बुधवार को भी यह सिलसिला कायम रहा। दुखहरन सिंह महाविद्यालय तुर्कवलिया बस्ती और अनुरागी देवी महाविद्यालय कुशीनगर में सचल दस्ते के निरीक्षण को दौरान अराजकता का माहौल दिखाई दिया। बस्ती के केंद्र पर 12 तो कुशीनगर के कालेज में चार परीक्षार्थी के बैठने की व्यवस्था अलग से की गई थी।
नकल के लिए भरपूर इंतजाम किए गए थे। इतना ही नहीं दोनो सेंटरों पर केंद्र व्यवस्थापक भी अनुपस्थित मिले। दल ने न केवल सभी 16 परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं जब्त कर लीं, बल्कि उनकी रिपोर्ट पर तत्काल कार्यवाही करते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन दोनों केंद्राध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से परीक्षा कार्य से अलग कर दिया है।
दुखहरन सिंह कालेज में रतनसेन डिग्री कालेज के डॉ. राजेश कुमार को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया था, जबकि अनुरागी देवी कालेज में कार्यवाह प्राचार्य डॉ. सुधीर पाठक इस दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कुलपति के निर्देश पर दोनों सेंटरों पर जल्द ही इन केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती की जाएगी।
मोबाइल के साथ परीक्षा देते पकड़े गए
गोरखपुर यूनिवर्सिटी की वार्षिक परीक्षा में इलेक्ट्रानिक उपकरणों के साथ परीक्षा कक्ष में प्रवेश की सख्त मनाही के बावजूद परीक्षार्थियों के जेब से मोबाइल बरामद किए जाने की जानकारी सचल दस्ते की ओर से मिल रही है। बुधवार को कुशीनगर पैकोली के किसान पीजी कालेज से सचल दस्ते ने छह मोबाइल जब्त किए।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में पकड़े गये 25 नकलची
सचल दस्ते के औचक निरीक्षण में नकलचियों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। बुधवार को विभिन्न जिलों के लिए तैनात सचल दस्ते ने 25 नकलची को अनुचित साधन के साथ पकड़ लिया और रस्टीकेशन की कार्रवाई की। इसके अलावा संतकबीर नगर के एक केंद्र पर एमकॉम की परीक्षा में पूरी कक्षा के परीक्षार्थियों की कॉपी में एक ही जवाब लिखे जाने को लेकर सचल दस्ते ने उस कॉलेज के खिलाफ सामूहिक नकल की रिपोर्ट की है।