छात्रनेताओं को अब चुनाव पर स्टे लेने वाले की तलाश
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रनेता छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाने के लिए याचिका दाखिल करने वाले छात्र विजय प्रताप नागवंशी की तलाश में जुट गए हैं। काफी खंगालने के बाद भी नागवंशी का पता नहीं चल सका है। छात्रनेताओं को अब उसके विद्यार्थी होने पर भी संदेह है। चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्रसंघ संघर्ष समिति जनप्रतिनिधियों का दरवाजा खटखटाएगी।
पिछले वर्ष छात्रसंघ चुनाव की तिथि 13 सितंबर को तय की गई थी। पर्चा दाखिल भी हो गया था और चुनाव प्रचार के दौरान दो गुटों में बवाल हो गया। इसके बाद चुनाव स्थगित कर दिया गया। इसी बीच खुद को छात्र बताने वाले विजय प्रताप नागवंशी की ओर से हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई। इसमें दलील दी गई कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिश के मुताबिक सत्र प्रारंभ होने से सात सप्ताह में चुनाव की प्रक्रिया हो जानी चाहिए। अब समय पूरा हो गया है, इसलिए चुनाव पर रोक लगाई जाए। इसी आधार पर कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर स्टे दे दिया।
अब एक बार फिर चुनाव का मामला जोर पकड़ने लगा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब कोर्ट में स्टे होने की बात कहकर चुनाव कराने से मना कर दिया है। इसके बाद छात्रनेता नागवंशी को तलाशने लगे हैं। छात्रसंघ संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवशंकर गोंड ने बताया कि हम लोगों ने बहुत पड़ताल की है पर विजय प्रताप नागवंशी नाम का कोई छात्र नहीं मिला है। अब डीएम, कमिश्नर और विधायक, सांसद से मिलकर चुनाव कराने की मांग करेंगे, ताकि हमारी बात शासन और राज्यपाल तक पहुंच सके।