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छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों का प्रदशन

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गोरखपुर यूनिवर्सिटी में चुनाव कराने की की मांग को लेकर मेन गेट पर विरोध प्रदर्शन करते छात्र।
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छात्रसंघ चुनाव को लेकर प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी
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गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव का मामला तूल पकड़ने लगा है। सोमवार को छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले छात्रों ने विश्वविद्यालय गेट पर प्रदर्शन किया और कुलपति से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों ने बैठकर कर चुनाव नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं, एबीवीपी ने भी चुनाव नहीं कराने पर आंदोलन शुरू कराने की बात कही।
कुलपति से मुलाकात के दौरान छात्रनेताओं ने तत्काल चुनाव कराने और चुनाव अधिकारी की घोषणा की मांग की। कुलपति प्रो. वीके सिंह ने कहा कि मामला हाईकोर्ट में लंबित है, निर्णय आने के बाद शासन से अनुमति मांगी जाएगी। इसके बाद ही चुनाव होंगे। छात्रनेताओं ने इसे तानाशाही रवैया बताते हुए जानबूझकर चुनाव नहीं कराए जाने का आरोप लगाया। इस दौरान आलोक सिंह, शिवशंकर गोंड, अंशुमान पाठक, योगेश सिंह, अरुण यादव, संजीव त्रिपाठी, सतीश चंद्र, श्रेयांशु पासवान, बादल सिंह, गौरव वर्मा आदि छात्र मौजूद रहे।
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निर्णायक आंदोलन करेंगे
विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में छात्र संघ के पूर्व पदाधिकारियों एवं छात्र नेताओं की बैठक हुई। जिसमें चुनाव नहीं कराने संबंधित कुलपति के बयान को तुगलकी फरमान बताया गया। छात्रनेताओं ने कहा कि कुलपति के निर्णय का विरोध किया जाएगा और निर्णायक आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्रीकांत मिश्र तथा संचालन पूर्व महामंत्री नीरज सिंह ने किया। पूर्व अध्यक्ष विश्वकर्मा द्विवेदी, दिनेश चंद श्रीवास्तव, दिनेश चंद्र त्रिपाठी, भानु प्रताप सिंह, रूप कुमार सिंह, राजीव पांडेय, सत्य प्रकाश पाठक, उमाशंकर यादव, योगेश प्रताप सिंह, महेंद्र राय आदि मौजूद रहे।
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चुनाव नहीं तो उग्र आंदोलन : एबीवीपी
एबीवीपी के महानगर मंत्री सौरभ कुमार गोंड ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर कुलपति के फैसले का परिषद विरोध करती है। चुनाव नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन होगा। छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों का एक अधिकार है और विद्यार्थी परिषद कदापि इसका हनन नहीं होने देगी। सौरभ ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन भ्रष्टाचार में लिप्त है और वह नहीं चाहता है कि छात्रसंघ के जरिए उसका काला चिट्ठा समाज के सामने आए।
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