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प्रेरणा एप

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सर्वर के फेर में उलझी ‘प्रेरणा’
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गोरखपुर। बेसिक शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी ‘प्रेरणा’ एप योजना बेरुखी का शिकार हो गई है। शिक्षक नेता पहले से ही इसके विरोध में हैं, वहीं दूसरी ओर धीमे सर्वर ने भी एप की राह में रोड़े अटका दिए हैं। खुद बेसिक शिक्षा विभाग भी इससे निपटने की राह नहीं तलाश पा रहा है। अब तक पांच फीसदी शिक्षकों ने ही इसे अपने मोबाइल पर अपलोड किया है।
सर्वर धीमा चलने से इसे लोड करने में शिक्षकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसे लेकर लखनऊ स्थित यूपी डेस्को से संवाद भी किया जा रहा है, मगर समस्या का समाधान नहीं निकल रहा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने चार सितंबर को राजधानी में एप की शुरूआत की थी। इसके माध्यम से शिक्षकों को शैक्षणिक समय के भीतर तीन बार प्रार्थना, मिड डे मील और छुट्टी होने के समय छात्रों के साथ फोटो खींचकर एप पर लोड करना है। इस एप के माध्यम से हाजिरी के पीछे शासन की मंशा ऐसे शिक्षकों पर नकेल कसने की है जो स्कूल आते ही नहीं। या फिर आते हैं तो बीच में चले जाते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की तमाम जानकारी भी इस एप के माध्यम से शिक्षकों तक पहुंचाई जाएगी। मगर यह योजना शुरुआत से ही उदासीनता की शिकार हो गई है।
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कोट
प्रेरणा एप को डाउनलोड करना शिक्षकों ने शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में सर्वर की वजह से समस्या आ रही है। इसे दूर करने की कोशिश की जा रही है। बेहतर सर्वर के लिए यूपी डेस्को से बातचीत चल रही है।
- बीएन सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
फैक्ट फिगर
प्राइमरी स्कूल- 2150
जूनियर स्कूल- 836
बच्चों की संख्या- तीन लाख
प्राइमरी में शिक्षक- 5362
जूनियर में शिक्षक- 2581
कुल शिक्षक- 7943
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