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नगर निगम से वसूले जाएंगे 6.38 करोड़

Fri, 11 Mar 2016 09:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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नगर न‌िगम
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कर्मचारियों की भविष्य निधि (पीएफ) की रकम के साथ खिलवाड़ एक बार फिर नगर निगम को महंगा पड़ने जा रहा है। पीएफ महकमे ने निगम से कर्मचारियों के बकाये भविष्य निधि के तौर 6.38 करोड़ वसूलने की तैयारी शुरू कर दी है। यह बकाया अप्रैल 2013 से मार्च 2015 तक का है। इसके लिए निगम को 15 दिन की मोहलत दी गई है। तय समय में रकम न जमा करने पर महकमा उनके बैंक खाते सीज कर रकम निकाल सकता है।
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खाता सीज कर रकम रिकवरी की कार्रवाई निगम पर पहले भी हो चुकी है। करीब दो हजार दैनिक एवं संविदा कर्मचारियों का जनवरी 2011 से मार्च 2013 तक का भविष्य निधि जमा न करने पर जनवरी 2015 में पीएफ महकमे ने नगर निगम से 4.61 करोड़ रुपये वसूले थे। तय समय में रकम न जमा करने पर पीएफ विभाग ने निगम के सभी बैंक खाते सीज कर रकम निकाल ली थी। इस बकाये पर पीएफ महकमे ने 3.25 करोड़ रुपये का जुर्माना और 1.56 करोड़ रुपये ब्याज की देनदारी भी तय की थी। ब्याज की रकम भी महकमे ने निगम का खाता सीज कर निकाली थी, जबकि जुर्माने की रकम को लेकर निगम ने पीएफ ट्रिब्यूनल में अपील की थी। वहां से स्टे मिलने की वजह से अभी तक इस रकम की वसूली नहीं हो सकी है।

उधर, विभाग ने फिर मार्च 2013 से आगे के बकाये का आकलन शुरू किया तो निगम पर छह करोड़ से अधिक की देनदारी तय हुई। इस रकम की वसूली के बाद जुर्माना और ब्याज भी वसूला जाएगा। विभाग का कहना है कि जुर्माने और ब्याज की यह रकम भी करीब छह करोड़ रुपये के आसपास ही आएगी। 
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अब निर्माण विभाग की बारी
नगर निगम के सफाई कर्मियों के अंशदान की वसूली के साथ ही अब निगम के निर्माण विभाग में काम करने वाले दैनिक और संविदा कर्मचारियों के भविष्य निधि के भी निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। पीएफ महकमे का कहना है कि जनवरी 2011 से फरवरी 2016 तक के बकाये के आकलन के लिए समन तैयार किया जा रहा है। इसी सप्ताह इसे नगर निगम को भेज कर कर्मचारी भविष्य निधि की धारा सात ए के तहत कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि यह बकाया भी करोड़ों में आएगा। 

सुनवाई में नगर निगम को भी पक्ष रखने का मौका दिया गया था। करीब 6.38 करोड़ रुपये का बकाया तय किया गया है। इसे जमा करने के लिए निगम को आदेश पत्र भेज दिया गया है। 15 दिन की मोहलत दी गई है। तय समय के भीतर इसे जमा नहीं किया गया तो निगम के बैंक खाते सीज कर बकाये की रकम निकाल ली जाएगी। 
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- वीवीबी सिंह, पीएफ कमिश्नर
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