गोरखपुर मेट्रो के लिए 4800 करोड़ रुपये का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) प्रस्तावित किया गया है। दो बोगियों वाली मेट्रो के लिए दो कॉरिडोर बनाए गए हैं। इसमें 16 स्टेशन होंगे।
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डीपीआर को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए), राइट्स और लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एलएमआरसी) के अफसरों की बैठक हुई। तय हुआ कि मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया के लिए प्रस्तावित फोरलेन के मद्देनजर गोरखनाथ मंदिर रोड पर प्रभावित होने वाले दुकान-निर्माण आदि का सप्ताह भर में आकलन कर लिया जाए। इसके बाद एक और बैठक होगी। इसके बाद डीपीआर केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा।
गोरखपुर मेट्रो रेल वर्ष 2041 तक के लिए प्रस्तावित किया गया है। तब वर्तमान जनसंख्या 14 लाख से बढ़कर 23 लाख तक के लिए होगी। मेट्रो लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम (एलआरटीएम) पर कार्य करेगी। इसमें दो बोगियां लगेंगी। इन दो बोगियों में एक बार में 400 यात्री सफर कर सकेंगे। श्याम नगर से सूबा बाजार तक 16.95 किमी के लिए प्रस्तावित पहले कॉरिडोर में 16 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसी तरह गुलरिहा से कचहरी तक 10.46 किमी के दूसरे कॉरिडोर पर 11 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं।
पहले कॉरिडोर के लिए सूबा बाजार और दूसरे के लिए मुगलहा में डिपो बनाया जाएगा। गोरखपुर मेट्रो पूरी तरह से जमीन के ऊपर संचालित होगी। मेट्रो ट्रैक के दोनों तरफ 500 मीटर तक कोई भी व्यक्ति, जितनी ऊपर तक चाहे निर्माण करा सकता है। बदले में उसे कुछ सालाना शुल्क जमा करना होगा। यह शुल्क अभी तय नहीं हो सका है।
मेट्रो रूट एक-
श्याम नगर, बरगदवां, शास्त्री नगर, नथमलपुर, गोरखनाथ मंदिर, हजारीपुर, धर्मशाला, गोरखपुर रेलवे स्टेशन, गोरखपुर यूनिवर्सिटी, मोहद्दीपुर, रामगढ़ताल, एम्स, मालवीय नगर, एमएमएमयूटी, दिव्य नगर होते हुए सूबा बाजार
मेट्रो रूट दो-
गुलरिहा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, मुगलहां, खजांची बाजार, बशारतपुर, अशोक नगर, विष्णु नगर, असुरन चौक, धर्मशाला, गोलघर होते कचहरी चौराहा तक