मजदूर की मौत के बाद शव रखकर जाम लगाए लोग।
गीडा इलाके में प्लाइवुड फैक्ट्री के कर्मचारी की मौत के बाद नाराज परिजनों ने मंगलवार की शाम करीब 3.30 बजे पिपरौली चौकी के पास गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन हाइवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का कहना था कि फैक्ट्री के प्रबंधन ने कर्मचारी को समय से अस्पताल पहुंचवाया होता तो शायद उनकी जान बच जाती। पुलिस ने लोगों को समझाकर एक घंटे बाद जाम समाप्त कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कालेसर निवासी योगेंद्र सिंह (50) गीडा स्थित फैजान प्लाइवुड फैक्ट्री में कर्मचारी थे। वह फैक्ट्री में प्लाइवुड को प्रेस करते थे। मंगलवार को वह फैक्ट्री में काम कर रहे थे। उसी दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई। फैक्ट्री के जिम्मेदारों ने उन्हें अस्पताल भेजवाने की जगह घर भेजवा दिया। परिजन उसे लेकर स्थानीय अस्पताल गए, जहां से डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में योगेंद्र की मौत हो गई। इससे नाराज लोगों ने शव को सड़क पर रखकर पिपरौली चौकी के सामने जाम लगा दिया।
सूचना पर सहजनवां और गीडा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाई। योगेंद्र की चार बेटियां हैं। दो की शादी हो चुकी है। एक बेटी की मंगनी हो चुकी है। शादी मार्च 2020 में होनी है। इस संबंध में फैक्ट्री के जिम्मेदारों का कहना है कि योगेंद्र की मौत फैक्ट्री में नहीं हुई। उन्होंने दोपहर में तबीयत खराब होने की बात कह छुट्टी मांगी। उसके बाद घर भेज दिया गया। अगर वह बताते कि उनकी तबीयत ज्यादा खराब है तो अस्पताल भेजवाया गया होता।