टेंडर फाइनल, अब तैयार होगी जीडीए महायोजना 2031
गोरखपुर। विकास प्राधिकरण की महायोजना 2031 तैयार करने के लिए कंसलटेंट का टेंडर फाइनल हो गया है। अब सिर्फ अनुबंध की औपचारिकता बाकी है जिसके होते ही नगर नियोजन विभाग महायोजना तैयार करने का काम शुरू कर देगा। इस बार 20 साल के बजाए दस साल के लिए ही महायोजना बनेगी। इसे तैयार करने में ढाई साल का समय लगेगा। वर्ष 2001 से 2021 के लिए तैयार महायोजना करीब आठ साल की देरी से 2008 में लागू हो सकी थी।
महायोजना जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) पर तैयार होगी। पहले सेटेलाइट इमेजिंग सर्वे के आधार पर जानकारी जुटाई जाएगी। इसके लिए केंद्र की ओर से इसरो की सहायक नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी (एनआरएसए) से आंकड़ा लिया जाएगा। इससे शहर की हर संपत्ति की विस्तृत व सटीक जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। लोग घर बैठे ही अपनी जमीन का लैंडयूज जांच सकेंगे। महायोजना में आवासीय, औद्योगिक क्षेत्र, ग्रीन बेल्ट के साथ ही अन्य सभी क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा। मास्टर प्लान तैयार होने के बाद जीडीए की ओर से जोनल प्लान तैयार किया जाएगा।
दायरा बढ़ेगा, नए सिरे से तय होगा ग्रीन बेल्ट
आबादी बढ़ने के साथ ही शहर का दायरा भी काफी बढ़ गया है मगर जीडीए अपनी सीमा का विस्तार नहीं कर सका। महायोजना 2031 में जीडीए का दायरा भी बढ़ाने की तैयारी हैै। माना जा रहा है कि शहर की चारों दिशाओं में स्थित करीब दो सौ गांव प्राधिकरण के दायरे में आएंगे। इसके साथ ही लंबे समय से विनियमितिकरण की 1536 एकड़ जमीन का मामला भी सुलझने के आसार है। इससे लोगों के मकान तो वैध हो ही सकेंगे, मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए जमा होने वाली फीस से करोड़ों की कमाई भी होगी। ग्रीन बेल्ट भी नए सिरे से तय किया जाएगा।