रुस्तमपुर क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक मोहल्लों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए राहत देने वाली खबर है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने रुस्तमपुर ओवरब्रिज बनाने का निर्णय किया है। इसका सर्वे कराया जा चुका है। 14 मार्च को प्रस्तावित बोर्ड की बैठक के एजेंडे में न केवल इसे शामिल कर लिया गया है बल्कि मंजूरी मिलने की भी पूरी उम्मीद है।
सर्वे करने वाली एजेंसी ने ओवरब्रिज पर 70 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आंका है। पुल बन गया तो न केवल इस क्षेत्र के तमाम लोगों को राहत मिलेगी बल्कि जाम से निजात की दिशा में भी यह पुल बेहद कारगर होगा।
अपने पिछले आगमन के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मोहद्दीपुर के साथ ही रुस्तमपुर में भी ओवरब्रिज बनवाने की घोषणा की थी। यही वजह है कि बोर्ड बैठक में इस एजेंडे को मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद की पहल पर एक महीने से इस योजना को लेकर प्रयास चल रहा था। पुल की इस कवायद को अमली जामा पहनाने तक प्राधिकरण इसे गोपनीय बनाए रखे है। आम आदमी के बीच बोर्ड बैठक के बाद ही इसका खुलासा करने की तैयारी है।
यह पहला मौका होगा जब जीडीए के खाते में आवासीय और व्यवसायिक योजनाओं, सड़कों आदि के साथ ही पुल निर्माण भी शामिल होने जा रहा है। रुस्तमपुर ओवरब्रिज को लेकर स्थानीय लोगाें के अलावा विभिन्न राजनीतिक संगठन और संस्थाएं लंबे समय से मांग कर रही थीं। इस क्षेत्र में आबादी अधिक होने और बाजार बढ़ जाने से आए दिन जाम लग जाता है।