एयरफोर्स के आसपास पांच हजार से अधिक घरों में रहने वाले लोगों को इस क्रिसमस पर बड़ा तोहफा मिल सकता है। एयरफ ोर्स के पास ज्यादातर इलाकों में अब नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा घटकर 100 मीटर करने की तैयारी है। हले, चारों तरफ यह दायरा 900 मीटर का था। इसे लेकर एयरफोर्स की तरफ से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी दे दिया गया है।
शुक्रवार को जीडीए बोर्ड की बैठक में प्रस्तावित 20 एजेंडों में से इसे भी शामिल किया गया है। प्राधिकरण सूत्रों के मुताबिक पूरी उम्मीद है कि इस मसले पर बोर्ड भी अपनी हरी झंडी दे देगा।
एयरफोर्स के आसपास नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा घटने से सैनिक कुंज, सैनिक विहार, अवध विहार, पवन विहार समेत आधा दर्जन कॉलोनियों के पांच हजार से अधिक मकानों के वैध होने का रास्ता खुल जाएगा। यही नहीं जो जमीनें खाली हैं, उनपर निर्माण के लिए मानचित्र भी स्वीकृत हो सकेगा। प्राधिकरण के मुताबिक प्रतिबंध का दायरा घटाने को लेकर जीडीए ने जो ले-आउट एयरर्फोस को भेजा था, उसपर मंजूरी मिलने के साथ ही एयरफोर्स प्रशासन ने अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दे दिया है।
इसके अलावा बोर्ड बैठक में एनजीटी में वेट लैंड के दायरे में छूट के लिए जो आवेदन किया गया है, उसपर बोर्ड की भी रजामंदी लेने के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा। इससे लोहिया आवंटियों को राहत मिल सकती है। मानबेला किसानों को अनुग्रह राशि देने, नुमाइश ग्राउंड का नाम ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ करने पर अनुमोदन लेने आदि का भी मामला एजेंडे में रखा गया है।