फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाटर पार्क: सीलबंदी के खिलाफ दाखिल साझेदारों की अपील खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
वाटर पार्क: सीलबंदी के खिलाफ दाखिल साझेदारों की अपील खारिज
विज्ञापन

गोरखपुर। वाटर पार्क (नीर निकुंज) में स्थित विवाह घर सील करने की जीडीए की कार्रवाई के खिलाफ पार्क के साझेदारों की तरफ से कमिश्नर कोर्ट में दाखिल अपील खारिज हो गई है। शनिवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए कमिश्नर जयंत नार्लीकर ने जीडीए की कार्रवाई को सही ठहराया। अब प्राधिकरण, कमिश्नर के इस फैसले के साथ ही हाई कोर्ट में अपना काउंटर एफिडेविट दाखिल करेगा।
विवाह घर सील होने के बाद भी सील तोड़कर उसे संचालित करने पर प्राधिकरण ने वाटर पार्क के साझेदारों के खिलाफ मार्च 2019 में मुकदमा भी दर्ज करा रखा है। हालांकि साझेदारों की तरफ से हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर कोर्ट ने अभी उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। साथ ही कोर्ट ने जीडीए को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। प्राधिकरण अब अपना पक्ष रखेगा।
विज्ञापन

साझेदारों की तरफ से मेसर्स केआर एम्यूजमेंट एंड रिसोर्ट चंपा देवी पार्क नाम से दाखिल वाद पर जीडीए के अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अपीलार्थी फर्म द्वारा 28 अक्तूबर 2005 को पार्क को लेकर जीडीए से हुई अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया गया। पार्क जीडीए की संपत्ति है। अपीलार्थी का अस्तित्व सिर्फ कस्टोडियन के रुप में है तथा करार का उद्देश्य पार्क का समुचित रखरखाव, वाटर पार्क एवं एन्वायरमेंटल पार्क को विकसित करना है। फर्म द्वारा अनुबंध की शर्तें तोड़कर वहां विवाह घर संचालित किया जा रहा था। जिसपर जीडीए उपाध्यक्ष ने 22 फरवरी को पार्क सील करने की कार्रवाई की थी। कमिश्नर ने जीडीए की कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि इसमें किसी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। फर्म की अपील बलहीन है।
सील तोड़ने पर हुई थी एफआईआर
जीडीए की ओर से वाटर पार्क परिसर में चल रहे विवाह घर को सील करने के बाद साझेदारों ने कमिश्नर के वहां प्रार्थनापत्र देकर विवाह घर बुक होने की बात कही थी। सिफारिश की थी कि मांगलिक कार्यक्र्रमों को लेकरजिसकी तत्काल में बुकिंग हो चुकी उसका कार्यक्रम संपन्न होने तक सील तोड़ दिया जाए। कमिश्नर ने दो शादियों के लिए अनुमति दी थी जिसके बाद जीडीए ने फिर विवाह घर सील कर दिया था। मगर साझेदारों ने फिर बिना किसी अनुमति के सील तोड़कर 15 मार्च और 17 मार्च 2019 को भी वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित किए। इसीपर जीडीए ने कैंट थाने में सभी साझेदारों के खिलाफ एफआईआर जर्द करा दी थी।
कोट
फैसले की जानकारी हुई है। कानूनी सलाह ली जा रही है। हम, कमिश्नर के इस आदेश के खिलाफ राजस्व परिषद में अपील करेंगे। कमिश्नर का आदेश एक पक्षीय है, जिसे प्राधिकरण ने गुमराह करके कराया है। हमें जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है।- दीपक अग्रवाल, साझेदार, वाटर पार्क
विज्ञापन

अनुबंध तोड़ने पर ही जीडीए ने वाटर पार्क सील किया गया था। सीलबंदी के खिलाफ वाटर पार्क के साझेदारों द्वारा दाखिल की गई अपील को कमिश्नर ने खारिज कर दिया है। इस आदेश के साथ ही अब जीडीए, साझेदारों द्वारा हाई कोर्ट में दाखिल वाद के मामले में अपना काउंटर एफिडेविट दाखिल करेगा। - राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें