जीडीए के साथ खरीदारों की भी बल्ले-बल्ले
गोरखपुर। अपने मकान-दुकान का सपना देख रहे लोगों और खरीदारों का इंतजार कर रहे गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के लिए संपत्तियाें की कीमत 27 प्रतिशत कम होना दीवाली को खुशनुमा कर जाएगा। शासन ने सभी प्राधिकरणों को संपत्तियों की कीमत कम करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अब यहां जीडीए बोर्ड की बैठक में उक्त प्रस्ताव को रखकर पास किया जाएगा।
संपत्ति की कीमत अधिक होने से जीडीए के बड़ी संख्या में फ्लैट, दुकान बिक नहीं पा रहे हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति शहर की हृदयस्थली गोलघर स्थित जीडीए टावर का है। जहां 50 से ज्यादा दुकानें खाली हैं। इनमें सबसे ज्यादा ऑफिस के लिए आवंटित जगह हैं। ऐसा ही हाल लोहिया इंक्लेव, लेक व्यू अपार्टमेंट, राप्तीनगर के आवास हैं। लोहिया इंक्लेव में 45, लेक व्यू में 80 और राप्तीनगर में 57 फ्लैट खरीदारों के इंतजार में खाली पड़े हुए हैं। कीमतें कम होने से इनको खरीदार मिलने की उम्मीद है।
दरअसल एक प्रावधान के अनुसार प्रत्येक वर्ष अप्रैल में जीडीए के आवासीय फ्लैटों की कीमतों में 15 प्रतिशत और व्यवसायिक भवनों की कीमतों में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाती है। ऐसे में जीडीए की परियोजनाओं की कीमत आसपास के प्राइवेट फ्लैटों और दुकानों की कीमतें की तुलना में काफी अधिक हो गई है। इस वजह से लोग जीडीए के आवास और दुकानों को खरीदने में रुचि नहीं ले रहे हैं और बिक्री ठप सी हो गई है।
कोट
- फ्लैटों के कीमत 27 प्रतिशत कम करने की सूचना मिली है। शासनादेश मिलने पर बोर्ड में प्रस्ताव रखा जाएगा। कीमतें कम होने से न सिर्फ लोगों को बल्कि जीडीए को भी फायदा होगा।
राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए