सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद डायल 100 के पुलिस कर्मी छोटेलाल यादव, राम उग्रह, रामकुमार पाल मौके पर पहुंचे। उसी दौरान अवैध बालू खनन की वजह से हादसा होने से गुस्साई भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव कर उन्हें घायल कर दिया। उग्र भीड ने पुलिस की गाड़ी में भी तोडफोड़ करते हुए पलट दिया। उसके बाद तीनों पुलिस कर्मियों को बंधक बना लिया। बाद में थाने के दो एसआई कुछ सिपाहियों के साथ पहुंचे और लोगों को समझाबुझाकर शांत कराने का प्रयास किया तो भीड़ और उग्र हो गई।
भीड फिर पथराव करने लगी। इसमें दरोगा समेत तीन पुलिस कर्मियों को मामूली चोटे आई। इसके बाद सीओ नवीन कुमार नायक नेबुआ नौरंगिया और हनुमानगंज पुलिस के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। सीओ ने समझाकर उग्र भीड़ को शांत कराते हुए बंधक पुलिस कर्मियों को मुक्त कराया। जबकि क्षतिग्रस्त पुलिस की गाडी को थाने भेजवाया। उसके बाद ही पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज पाई।
गांव में भय व तनाव का माहौल बना हुआ था। प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सिंह ने बताया कि बिहार से बालू लेकर लौट रही ट्रैक्टर ट्राली पलटने से बुजुर्ग महराजगंज जनपद निवासी देव नरायण पटेल की मौत की सूचना पर जब पुलिस टीम पहुंची तो कुछ अराजक तत्वों ने हमला करके घायल कर दिया। अराजक तत्वों को चिहिन्त कर मुकदमा दर्ज किए जाने की तैयारी की जा रही है।