गोरखपुर। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की डिग्री हासिल कर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नौकरी करने वाले शिक्षकों की सूची शासन ने फिर तलब की है। इसबार मार्कशीट के साथ डिग्री और चरित्र प्रमाण पत्र मांगा गया है। मामले की जांच कर रही एसटीएफ को सूची उपलब्ध कराई जाएगी।
फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एसटीएफ ने जांच तेज कर दी है। इसी लिहाज से आरोपी शिक्षकों की सूची तलब की गई है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने संबंधित जिलों के बीएसए से जानकारी मांगी है। यह सूचना सोमवार तक निदेशक को उपलब्ध करानी है। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा गड़बड़ी आगरा विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले अभ्यर्थियों ने की है। इस तरह के पांच शिक्षकों को गोरखपुर के बीएसए ने बर्खास्त किया था। हाल ही में एसटीएफ ने मुक्तिनाथ सहित दो शिक्षकों को गिरफ्तार किया था। अब आरोपियों की नियुक्ति की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी कर रहे शिक्षकों की जांच एसटीएफ कर रही है। पहले भेजी गई सूचना को दोबारा मांगा गया है। सोमवार तक सूची भेज दी जाएगी।
अब तक 25 फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई
फर्जी शैक्षिक दस्तावेज व प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले 25 शिक्षकों पर अब तक विभाग की ओर से कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें आगरा विश्वविद्यालय से फर्जी डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों की संख्या पांच है। एसटीएफ को शक है कि अभी भी आगरा विश्वविद्यालय से फर्जी डिग्री हासिल करने वाले शिक्षक कार्यरत हैं। गोरखपुर के 120 शिक्षकों की नियुक्ति पर संदेह है। इस मामले में गोरखपुर में तैनात एक बीएसए भी शक के घेरे में हैं।